निर्यात बढ़ाने की बड़ी पहल, उत्तराखंड ने केंद्र के सामने रखी हिमालयी राज्यों की मजबूत पैरवी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Jul, 2026 09:12 PMनई दिल्ली, 03 जुलाई। उत्तराखंड सरकार ने देश के निर्यात क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराते हुए हिमालयी राज्यों के लिए विशेष सुविधाओं की मांग को केंद्र सरकार के सामने प्रमुखता से उठाया। नई दिल्ली स्थित Vanijya Bhawan में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड ऑफ ट्रेड की उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री Bharat Singh Chaudhary ने राज्य के निर्यात हितों की प्रभावी पैरवी की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030-31 तक भारत के 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने की रणनीति तैयार करना था। इस दौरान विभिन्न राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए भरत सिंह चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में निर्यात आधारित औद्योगिक विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में Pantnagar और Kashipur में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) संचालित हैं, जबकि Haridwar में Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के सहयोग से नया ICD स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में करीब 800 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी विकसित की जा रही है, जिसे भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। यह परियोजना राज्य के औद्योगिक और निर्यात परिदृश्य को नई दिशा देगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य की मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत 50 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही ‘Ease of Doing Business’ को मजबूत बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं, जिसके चलते उत्तराखंड राष्ट्रीय रैंकिंग में अग्रणी राज्यों में बना हुआ है।
भरत सिंह चौधरी ने बैठक में उत्तराखंड के ODOP (One District One Product) और GI टैग उत्पादों की उपलब्धियां भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि राज्य के 10 ODOP उत्पादों सहित लगभग 20 उत्पादों को GI टैग मिल चुका है, जिससे इनके निर्यात की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए “House of Himalaya” ब्रांड से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
बैठक के दौरान उन्होंने हिमालयी राज्यों के हित में दो अहम सुझाव केंद्र सरकार के सामने रखे। पहला, पर्वतीय राज्यों के निर्यातकों को भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए फ्रेट सब्सिडी दी जाए, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके।
दूसरा, देशभर के GI टैग प्राप्त उत्पादों के लिए केंद्रीकृत मार्केटिंग और ब्रांड प्रमोशन योजना शुरू की जाए, जिससे छोटे उत्पादकों, शिल्पकारों और उद्यमियों को बेहतर विपणन और निर्यात अवसर मिल सकें।
भरत सिंह चौधरी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से भारत वर्ष 2030-31 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य हासिल करेगा और उत्तराखंड इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



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