पशुपालन और मत्स्य पालन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बन सकते हैं ‘गेम चेंजर’: भरत चौधरी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 24 Jun, 2026 11:08 PMनैनीताल। उत्तराखंड सरकार में ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग तथा खादी ग्रामोद्योग मंत्री Bharat Chaudhary ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन और मत्स्य पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है और यह क्षेत्र भविष्य में उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकते हैं।
बुधवार को नैनीताल में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने मनरेगा, पीएमजीएसवाई, ग्राम्य विकास, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन, विपणन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने पशुधन की नस्ल सुधार और बकरी पालन को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पशुपालन ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने का प्रमुख आधार है।
खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विस्तार तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी लाकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल दिया।
मनरेगा की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि 1 जुलाई से कार्य शुरू होने से पहले सभी लंबित भुगतान तत्काल किए जाएं। उन्होंने मानसून के दौरान जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तर्ज पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान चलाने और इसे जनआंदोलन बनाने की बात कही।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य स्थलों पर योजना संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। यदि बोर्ड नहीं लगाए गए तो संबंधित कार्य को ‘लावारिस’ मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
Pradhan Mantri Awas Yojana की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए उन्होंने कृषि भूमि संरक्षण हेतु प्रभावी घेरबाड़ योजना संचालित करने के निर्देश दिए। वहीं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन को मजबूत करने पर जोर देते हुए लखपति दीदी योजना के तहत अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए।
Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि जिन सड़कों के प्रस्ताव लंबित हैं, उन्हें शीघ्र शासन को भेजा जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पीएमजीएसवाई-4 के तहत विभिन्न सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है और कई कार्यों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ जनपद में विकास कार्यों, जल संरक्षण योजनाओं तथा ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार तथा आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जाए।



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