उत्तराखंड : दालचीनी की व्यावसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, देहरादून में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

महक क्रांति नीति-2026 के तहत 91 हजार किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य, चम्पावत और नैनीताल में विकसित होगी ‘सिनेमन वैली’

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Lucknow, 11 Jun, 2026 05:33 PM
उत्तराखंड : दालचीनी की व्यावसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, देहरादून में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

देहरादून, 11 जून। उत्तराखंड में दालचीनी की व्यावसायिक खेती, अनुसंधान और विपणन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में गुरुवार को दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला की स्मारिका का भी विमोचन किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सगंध एवं औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में महक क्रांति नीति-2026 लागू की गई है, जिसके तहत राज्य में 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती से आच्छादित कर लगभग 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल जनपदों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है। इससे दालचीनी उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।


कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एरोमा एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को सगंध खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उत्तराखंड को एरोमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।


उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाए तथा अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दिलाई है और यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण एवं विपणन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


इस अवसर पर कृषि मंत्री ने सेमिनार में भाग लेने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया तथा औषधीय पौधों से निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन भी किया।


“दालचीनी: प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सेमिनार में दालचीनी उत्पादन, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण तकनीकों तथा वैश्विक बाजार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


कार्यक्रम में राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की उपाध्यक्ष सोना सजवाण, कृषि सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, सगंध पौधा केंद्र (कैप) के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान, फफाई के अध्यक्ष योगेश दूबे सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ता, वैज्ञानिक एवं कृषक उपस्थित रहे।


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