अधिकृत वित्त समिति की बैठक में अहम विकास परियोजनाओं को हरी झंडी, सार्वजनिक धन की मितव्ययिता पर सख्त निर्देश

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Lucknow, 25 Feb, 2026 06:38 PM
अधिकृत वित्त समिति की बैठक में अहम विकास परियोजनाओं को हरी झंडी, सार्वजनिक धन की मितव्ययिता पर सख्त निर्देश

देहरादून। सचिवालय सभागार में आयोजित अधिकृत वित्त समिति की बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की। बैठक में शहरी सड़कों के उन्नयन, पेयजल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण और पुल निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।


यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग के उन्नयन को मंजूरी दी गई। दिलाराम बाजार से विजय कॉलोनी पुल तक मार्ग को 2 लेन से 3 लेन में विस्तारित करने के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं जलापूर्ति लाइन स्थानांतरण के ₹1257.96 लाख के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।


जनपद पिथौरागढ़ में घाट पंपिंग पेयजल योजना के अंतर्गत जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन और राइजिंग मेन के प्रतिस्थापन एवं पुनर्संरेखण के लिए ₹1338.53 लाख की योजना को भी अनुमोदन दिया गया। इस परियोजना से स्थानीय आबादी को बेहतर और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।


इसके अलावा मसूरी राज्य राजमार्ग संख्या-1 पर कि.मी. 18, सहसपुर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त एकल लेन पुल के स्थान पर 60 मीटर स्पैन का दो लेन, क्लास-ए लोडिंग स्टील बॉक्स पुल निर्माण को मंजूरी दी गई। ₹1200.17 लाख की लागत से बनने वाला यह पुल जनपद देहरादून में यातायात सुरक्षा और आवागमन को मजबूती देगा।


बैठक के दौरान रामनगर बस टर्मिनल परियोजना पर मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। परियोजना के पुनरीक्षित आकलन में फाउंडेशन वर्क और साइट विकास पर अत्यधिक लागत को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्य सचिव ने HOD, पीडब्ल्यूडी और एमडी, पेयजल निगम को एक समिति गठित कर प्रारंभिक एवं विस्तारित लागत, साइट चयन, नींव खर्च और कुल परियोजना व्यय की व्यवहारिकता व मितव्ययिता की गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक धन की मितव्ययिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागों को चेताया कि केवल कंसलटेंट के प्रस्तावों पर निर्भर न रहें और स्वयं जिम्मेदारीपूर्वक हर प्रस्ताव की सख्त स्क्रूटनी करें। बिना समुचित जांच के किसी भी प्रस्ताव को हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत न करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दो टूक कहा कि सभी कार्य पब्लिक-सेंट्रिक होने चाहिए।


बैठक में स्वीकृत सभी परियोजनाओं पर शीघ्र, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सचिव पंकज पांडेय, एस.ए. अडानंकी, बृजेश संत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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