अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध, योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून में लाभार्थी सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री; मदरसा बोर्ड के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठन और यूसीसी को बताया ऐतिहासिक कदम
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Aug, 2026 11:23 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समाज सहित प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है और इसी विश्वास के आधार पर जनहित की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रविवार को देहरादून में अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। सम्मेलन में लाभार्थियों ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित हुई है, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के स्थान पर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
यूसीसी को बताया ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यूसीसी महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को भी मजबूती मिलेगी।
आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी अपने आसपास के पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इनका लाभ उठा सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक सुरक्षा के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



No Previous Comments found.