उत्तराखंड में परियोजनाओं पर मुख्य सचिव सख्त, पेयजल योजनाओं के सोलराइजेशन और लागत नियंत्रण पर दिए बड़े निर्देश

व्यय वित्त समिति की बैठक में कई विभागीय प्रस्तावों को मिली संस्तुति, कंसल्टेंट फीस और कॉस्ट वेरिएशन पर भी तय होगी नई गाइडलाइन

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Lucknow, 25 Jul, 2026 12:49 PM
उत्तराखंड में परियोजनाओं पर मुख्य सचिव सख्त, पेयजल योजनाओं के सोलराइजेशन और लागत नियंत्रण पर दिए बड़े निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए समिति ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की। इस दौरान मुख्य सचिव ने पेयजल योजनाओं के सोलराइजेशन, परियोजनाओं की लागत नियंत्रण और कंसल्टेंट्स की फीस व्यवस्था को लेकर अहम निर्देश जारी किए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पंपिंग आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को अधिक किफायती एवं टिकाऊ बनाने के लिए उन्हें सोलर पावर से संचालित करने की संभावनाओं को प्रत्येक परियोजना में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने नियोजन विभाग को इस संबंध में शासनादेश जारी करने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य की सभी पंपिंग पेयजल परियोजनाओं में सोलराइजेशन को प्राथमिकता मिल सके।

बैठक के दौरान उन्होंने विभागों द्वारा कंसल्टेंट्स को परियोजना लागत के प्रतिशत के आधार पर फीस दिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार कंसल्टेंट्स को फीस एकमुश्त (लमसम) आधार पर ही दी जाए और सभी विभाग इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इसके लिए संबंधित शासनादेश को पुनः सभी विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि के मामलों को गंभीरता से लेने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी एजेंसी के गलत आकलन के कारण परियोजना की लागत बढ़ती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने नियोजन विभाग को लोक निर्माण विभाग के मार्गदर्शन में कॉस्ट वेरिएशन के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

बैठक में आयुष क्षेत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में आयुष के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और इस दिशा में बेहतर तथा व्यावहारिक परियोजनाएं तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थान चयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

इसके अलावा गरुड़ (बागेश्वर) में प्रस्तावित आईटीआई के संबंध में उन्होंने आसपास छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों को प्रवेश लेने और अध्ययन करने में सुविधा मिल सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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