उत्तराखंड : टिहरी झील बनेगी ग्लोबल टूरिज्म हब, ग्रीन एनर्जी और सूबे की संस्कृति पर होगा विशेष फोकस

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Lucknow, 10 Jul, 2026 04:54 PM
उत्तराखंड : टिहरी झील बनेगी ग्लोबल टूरिज्म हब, ग्रीन एनर्जी और सूबे की संस्कृति पर होगा विशेष फोकस

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन परियोजना की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टिहरी लेक परियोजना को अधिकतम ग्रीन एनर्जी आधारित पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत बनने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को भी सौर ऊर्जा से संचालित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण बन सके।

मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि परियोजना को एक आकर्षक और आसान नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर आसानी से चढ़ सके। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन से संबंधित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक को विशेष आमंत्रित सदस्य तथा टिहरी के जिलाधिकारी को भी शामिल किया जाए।

पारंपरिक गांव बनेंगे नई पहचान

मुख्य सचिव ने टिहरी झील के आसपास स्थित कुछ गांवों को उत्तराखंड के क्राफ्ट, संस्कृति और विरासत की थीम पर विकसित कर ट्रेडिशनल विलेज बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मॉडल गांवों को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ा जाए, ताकि पर्यटन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मॉडल को राज्य के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी लागू किया जा सकता है।

आय सृजन और वैज्ञानिक योजना पर जोर

बैठक में परियोजना के अंतर्गत बनने वाली सभी परिसंपत्तियों के संचालन और रखरखाव की दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना में ऐसे प्रावधान किए जाएं, जिनसे आय सृजन हो और स्थानीय हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।

उन्होंने टिहरी झील में बोटिंग और जेटी संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर झील की क्षमता का आकलन कर विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है, लेकिन पूरी परियोजना की समग्र योजना पहले तैयार होनी चाहिए।

संग्रहालय में दिखेगा पुरानी टिहरी का इतिहास

मुख्य सचिव ने प्रस्तावित संग्रहालय की थीम को टिहरी के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में पुरानी टिहरी रियासत का इतिहास, लोककला, लोकसंस्कृति और डूब चुकी पुरानी टिहरी का 3डी मॉडल भी शामिल किया जा सकता है, जिससे पर्यटकों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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