डेटा आधारित सुशासन पर जोर: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले- गुणवत्तापूर्ण डेटा से तय होगी शासन की सफलता

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Lucknow, 22 Jun, 2026 10:40 PM
डेटा आधारित सुशासन पर जोर: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले- गुणवत्तापूर्ण डेटा से तय होगी शासन की सफलता

देहरादून, 22 जून। उत्तराखंड में डेटा आधारित सुशासन (Data Driven Governance) को मजबूत बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। चकराता रोड स्थित एक होटल में अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं सी.पी.पी.जी.जी., नियोजन विभाग द्वारा आयोजित ‘Data Harmonization-Building Data Linked Governance System’ विषयक कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज के दौर में शासन-प्रशासन का मूल्यांकन केवल नीयत से नहीं, बल्कि परिणामों से होता है और इन परिणामों का सही आकलन केवल गुणवत्तापूर्ण डेटा के जरिए ही संभव है।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा संवेदनशीलता, पलायन और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण विशिष्ट विकास संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में Data Harmonization केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्वानुमान आधारित और सक्रिय योजना निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकें डेटा समन्वयन के लिए बड़े अवसर लेकर आई हैं, लेकिन इनके प्रभावी उपयोग से पहले डेटा की गुणवत्ता, गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को सांख्यिकीय कार्यों से जुड़े अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर उनके क्षमता विकास के निर्देश भी दिए।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारत सरकार के सांख्यिकीय एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने उत्तराखंड की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्यशाला के बाद डेटा समन्वयन को गंभीरता से लेकर कार्यशाला आयोजित करने वाला उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रभावी नियोजन और नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

इस दौरान नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार अन्ना रॉय ने कहा कि केवल डेटा संग्रह पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही मूल्यांकन और सटीक व्याख्या भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने नीति आयोग की ओर से राज्य को तकनीकी सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव रंजीज सिन्हा और बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में किया गया।

समापन सत्र में सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत ने राज्य की आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की और ISB हैदराबाद, IIM अहमदाबाद, J-PAL, वर्ल्ड बैंक सहित विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों का आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला में निजी क्षेत्र, कॉरपोरेट जगत और देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी डेटा आधारित प्रशासन और नीति निर्माण पर अपने विचार साझा किए।


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