एग्री स्टैक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, किसान पंजीकरण अधूरा रहने पर प्रभावित हो सकती हैं योजनाएं: मुख्य सचिव
देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में अंश निर्धारण कार्य पर विशेष फोकस; डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए कैंप और प्रशिक्षण पर जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Jun, 2026 06:56 PMदेहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में एग्री स्टैक से संबंधित कार्यों को किसानों के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी जिलाधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण और अंश निर्धारण कार्य समय पर पूरा नहीं होने की स्थिति में किसानों को केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ सकती है।
मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक प्रदेश के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सभी जिलाधिकारियों को इस दिशा में प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा। उन्होंने देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपदों में अंश निर्धारण के कार्य में विशेष कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
किसान पंजीकरण के आधार पर होगा उर्वरक वितरण
मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में उर्वरकों (फर्टिलाइजर्स) का वितरण किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति बढ़ाने पर फोकस किया जाए तथा विशेष शिविर आयोजित कर किसान पंजीकरण का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान पंजीकरण समय पर पूरा नहीं हुआ तो पीएम किसान योजना के लाभ और उर्वरकों के वितरण में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे में लाई जाए तेजी
मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की सेवाएं ली जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर इन समूहों की मदद से डिजिटल क्रॉप सर्वे को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।
किसानों को जागरूक करने पर भी जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के लिए किसानों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न माध्यमों से किसानों तक जानकारी पहुंचाई जाए ताकि वे पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक कृषि क्षेत्र में भविष्य की डिजिटल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और समय पर कार्य पूर्ण न होने पर भारत सरकार की कई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचना प्रभावित हो सकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एस.एन. पाण्डेय, रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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