उत्तराखंड : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक, कई अहम परियोजनाओं को मिली मंजूरी
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी RTO भवन, सहस्रधारा जलापूर्ति योजना समेत करोड़ों की परियोजनाओं को स्वीकृति
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 29 Jun, 2026 07:39 PMदेहरादून, 29 जून 2026। उत्तराखंड सरकार की विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार की संशोधित लागत को मंजूरी देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक फैकल्टी की शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्य करना शुरू कर सके। साथ ही कॉलेज के दीर्घकालिक संचालन को ध्यान में रखते हुए मेंटेनेंस के लिए भी अलग प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में Haldwani में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) भवन निर्माण परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की कुल लागत ₹35.69 करोड़ निर्धारित की गई है। मुख्य सचिव ने पूर्व में स्वीकृत परियोजना को निरस्त करते हुए इसे नए प्रोजेक्ट के रूप में पुनः शुरू करने के निर्देश दिए।
व्यय वित्त समिति ने Uttarakhand Renewable Energy Development Agency (UREDA) के ऊर्जा पार्क परिसर में सुपर ECBC ऑफिस बिल्डिंग निर्माण को भी मंजूरी दी। इस परियोजना की कुल लागत ₹16.13 करोड़ निर्धारित की गई है। यह भवन ऊर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप आधुनिक कार्यालय परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके अलावा समिति ने सहस्रधारा रोड वाटर सप्लाई स्कीम को भी स्वीकृति प्रदान की। इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल लागत ₹113.16 करोड़ है, जिससे देहरादून क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं सुचारु बनाया जा सकेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सचिव श्रीधर बाबू अड्डांकी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार की इन स्वीकृतियों को उत्तराखंड में स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, ऊर्जा दक्षता और पेयजल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास को गति देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।



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