उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना को लेकर तेज हुई पहल, मुख्य सचिव ने आयुष मंत्रालय के सचिव से की मुलाकात
ऊधम सिंह नगर में AIIA की स्थापना का रखा प्रस्ताव, कहा- आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 2 Aug, 2026 08:45 PMनई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद-AIIA) की स्थापना की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नई दिल्ली में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव से शिष्टाचार भेंट कर ऊधम सिंह नगर में संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से की गई तैयारियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए उत्तराखंड के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा का मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ऊधम सिंह नगर में संस्थान की स्थापना के लिए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप विवाद रहित एवं उपयुक्त भूमि चिन्हित कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क सुविधाओं से सुसज्जित है। साथ ही, निकट भविष्य में विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप स्थित होने के कारण यह क्षेत्र समेकित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव मेडिसिन) के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होने की व्यापक संभावनाएं रखता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि, सड़क, विद्युत, पेयजल और ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयुष मंत्रालय से उत्तराखंड के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए संस्थान की स्थापना को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उपचार और चिकित्सा पर्यटन को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही राज्य देश में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष आधारित चिकित्सा के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक मजबूत कर सकेगा।



No Previous Comments found.