उत्तराखंड : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टिहरी में विकास कार्यों की समीक्षा की, परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 5 Jun, 2026 03:14 PMटिहरी गढ़वाल, 5 जून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को टिहरी गढ़वाल में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में जनपद की विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूरा किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत में तेजी लाई जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने पेयजल, सीवर और जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। उन्होंने जल जीवन मिशन सहित विभिन्न पेयजल योजनाओं की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान सड़क नेटवर्क, मोटरेबल पुलों तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने नरेंद्रनगर-किनवानी-नीरगढ़ सेक्शन रोड के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य की जानकारी दी, जिसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्य सचिव ने इस परियोजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में पीएमजीएसवाई फेज-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों तथा आपदा और बाढ़ से प्रभावित मार्गों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा की गई। सिंचाई विभाग ने नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
मुनि की रेती क्षेत्र में प्रस्तावित 40 करोड़ रुपये की वर्षा जल निकासी परियोजना तथा चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा नई टिहरी माल रोड के सौंदर्यीकरण एवं फेसाड विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत हिंडोलाखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर और मुनि की रेती पंपिंग योजना सहित विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने देवप्रयाग और कीर्तिनगर क्षेत्रों में नई पेयजल पंपिंग योजनाओं की आवश्यकता तथा जलापूर्ति से जुड़ी चुनौतियों को भी मुख्य सचिव के समक्ष रखा।
नरेंद्रनगर सीवर लाइन परियोजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति होने की जानकारी दी गई। बैठक में पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल मांग, रखरखाव के लिए सीमित बजट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और होटल उद्योग के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने फार्म और नॉन-फार्म गतिविधियों के अंतर्गत ऋषिकेश, चंबा तथा अन्य क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इनमें फूड कार्ट, सड़क किनारे ईटरीज़, डेयरी फार्म, मशरूम उत्पादन, मत्स्य पालन, प्लम एवं बकरी पालन, पोल्ट्री, हर्बल गार्डन और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर ने ग्रामोत्थान परियोजना के तहत 131 क्विंटल पिरूल संग्रहण की जानकारी दी। वहीं, “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में कृषि, उद्यान, मत्स्य, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं तथा उनसे जुड़ी चुनौतियों की भी समीक्षा की गई।
इससे पूर्व मुख्य सचिव ने भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी और जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास के लिए प्रस्तावित छह क्लस्टरों—डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी और लेक क्लस्टर—की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



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