मेघालय कोयला खदान हादसा: 18 मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका; 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी

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Lucknow, 6 Feb, 2026 06:27 PM
मेघालय कोयला खदान हादसा: 18 मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका; 24 घंटे बाद भी रेस्क्यू जारी

मेघालय | 6 फरवरी 2026 मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके की कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को डायनामाइट विस्फोट के बाद खदान में काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अंधेरा होने के कारण गुरुवार शाम को राहत कार्य रोकना पड़ा था, जिसे शुक्रवार सुबह फिर से शुरू किया गया। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग ने बताया कि विस्फोट के समय खदान के भीतर मौजूद मजदूरों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, “विस्फोट के वक्त कितने लोग अंदर थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए और लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।” पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भी घटना को बेहद दुखद बताया और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस के अनुसार, विस्फोट में घायल एक मजदूर को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया। राहत और बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और विशेष बचाव दल (एसआरटी) की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक खदान की पूरी तलाशी नहीं हो जाती, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा। मेघालय खदान विस्फोट: 18 मजदूरों की मौत, कई अब भी लापता; लगातार जारी है रेस्क्यू मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। अंधेरा होने के कारण गुरुवार शाम को राहत कार्य रोकना पड़ा था, जिसे शुक्रवार सुबह फिर से शुरू किया गया। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग ने बताया, “विस्फोट के वक्त कितने लोग अंदर थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, इसलिए और लोगों के फंसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।” पुलिस और प्रशासन का मानना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि खदान के अंदर अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की संभावना है। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भी घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। घायलों में से एक मजदूर को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में शिलांग के अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और विशेष बचाव दल की टीमें तैनात हैं और प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरी खदान की तलाशी नहीं हो जाती, तब तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा। 

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