गोवा से हिंद महासागर की सुरक्षा का संदेश: 14 देशों के साथ भारत ने दिखाई नेतृत्व की भूमिका

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Lucknow, 21 Feb, 2026 07:55 PM
गोवा से हिंद महासागर की सुरक्षा का संदेश: 14 देशों के साथ भारत ने दिखाई नेतृत्व की भूमिका

पणजी | 21 फरवरी 2026 हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री चुनौतियों के बीच भारत ने गोवा से एक मजबूत कूटनीतिक और सुरक्षा संदेश दिया है। गोवा में आयोजित गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव 2026 में 14 देशों के नौसैनिक प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे और समुद्री सुरक्षा से जुड़े साझा खतरों पर गंभीर मंथन किया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में उभरते समुद्री खतरों से निपटने के लिए सहयोग को मजबूत करना रहा। इस दौरान ड्रग तस्करी, अवैध और अनियमित मछली पकड़ने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नौसेना प्रमुख ने कहा कि ये समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। सम्मेलन का विषय रखा गया — “हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां और बदलते खतरों से निपटने के प्रयास”। इस मौके पर दक्षिणी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल समीर सक्सेना और पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश भी मौजूद रहे। सम्मेलन में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, कोमोरोस, मलेशिया, केन्या, सिंगापुर, मेडागास्कर, थाईलैंड, म्यांमार, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, श्रीलंका और तंजानिया जैसे देशों ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। मुख्य भाषण में एडमिरल अरुण प्रकाश ने अवैध, गैर-रिपोर्टेड और अनियमित मछली पकड़ने से निपटने के लिए एक साझा टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर देशों के बीच रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा की जाए, तो समुद्री अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सम्मेलन में इस बात पर सहमति बनी कि हिंद महासागर की सुरक्षा आपसी विश्वास, बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सुनिश्चित की जा सकती गोवा से हिंद महासागर की सुरक्षा का संदेश: 14 देशों के साथ भारत ने दिखाई नेतृत्व की भूमिका हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री चुनौतियों के बीच भारत ने गोवा से एक मजबूत कूटनीतिक और सुरक्षा संदेश दिया है। गोवा में आयोजित गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव 2026 में 14 देशों के नौसैनिक प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे और समुद्री सुरक्षा से जुड़े साझा खतरों पर गंभीर मंथन किया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में उभरते समुद्री खतरों से निपटने के लिए सहयोग को मजबूत करना रहा। इस दौरान ड्रग तस्करी, अवैध और अनियमित मछली पकड़ने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नौसेना प्रमुख ने कहा कि ये समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। सम्मेलन का विषय रखा गया — “हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां और बदलते खतरों से निपटने के प्रयास”। इस मौके पर दक्षिणी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल समीर सक्सेना और पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश भी मौजूद रहे। सम्मेलन में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, कोमोरोस, मलेशिया, केन्या, सिंगापुर, मेडागास्कर, थाईलैंड, म्यांमार, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, श्रीलंका और तंजानिया जैसे देशों ने भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए। मुख्य भाषण में एडमिरल अरुण प्रकाश ने अवैध, गैर-रिपोर्टेड और अनियमित मछली पकड़ने से निपटने के लिए एक साझा टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर देशों के बीच रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा की जाए, तो समुद्री अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सम्मेलन में इस बात पर सहमति बनी कि हिंद महासागर की सुरक्षा आपसी विश्वास, बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सुनिश्चित की जा सकती है। 

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