रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल के विकास से बदलेगा लखनऊ का पर्यटन स्वरूप
बुटीक हेरिटेज स्टे के जरिए लखनऊ को MICE और वेडिंग टूरिज्म का अगला हब बनाने की तैयारी *स्थानीय पर्यटन से जुड़ेगा हरौनी गांव, स्थानीय समुदाय और महिलाओं को मिलेगा रोजगार *‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ की पहचान से हेरिटेज अनुभवों तक, लखनऊ में बढ़ रहा पर्यटन का दायरा- जयवीर सिंह
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 15 Apr, 2026 06:45 PMलखनऊ, 15 अप्रैल 2026 लखनऊ में पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है। अपने दौर की ऐतिहासिक धरोहरों रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल अब सिर्फ दर्शनीय स्थल नहीं रहेंगे, बल्कि यहां आने वाले पर्यटक अवध की संस्कृति, विरासत और जीवनशैली का अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। राजधानी में इन प्रतिष्ठित इमारतों को नए और आकर्षक स्वरूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही अब इन दोनों प्रोजेक्ट्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत 'एडेप्टिव रियूज़' मॉडल पर विकसित किया जाएगा। खास बात ये है कि इसमें धरोहरों की ऐतिहासिक पहचान और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि ये स्थल पर्यटन के नए आकर्षण केंद्र बन सकें।' छतर मंजिल में बनेगा हेरिटेज होटल छतर मंजिल को 100 कमरों का एक भव्य हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां ठहरने के साथ-साथ पर्यटकों को लखनऊ की कला, संस्कृति और खानपान का अनुभव भी मिलेगा। प्रोजेक्ट के तहत ऑल-डे डाइनिंग रेस्तरां, स्थानीय शिल्प और डिजाइनर उत्पादों की रिटेल आर्केड तथा इमर्सिव डाइनिंग जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। रोशन-उद-दौला में मिलेगा खास अनुभव वहीं रोशन-उद-दौला भवन को बुटीक लग्जरी प्रॉपर्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 26 कमरों का लग्जरी होटल, छोटे और विशेष आयोजनों जैसे प्री-वेडिंग फंक्शन, पारिवारिक कार्यक्रम और कॉर्पोरेट मीटिंग के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही स्पा और पारंपरिक वेलनेस सेवाएँ भी दी जाएंगी। खानपान में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी, जिससे लखनऊ की ‘गैस्ट्रोनॉमी सिटी’ की पहचान और मजबूत हो सके। पर्यटन से जुड़ेगा हरौनी गांव पर्यटन विकास की इस पहल को अब स्थानीय आजीविका से भी जोड़ा जा रहा है। हरौनी गांव की महिलाओं को हस्तकला, साड़ी और कंबल जैसे पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय कला और कारीगरों को भी पहचान मिलेगी। पर्यटन को नई दिशा देगा विकास पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, 'सरकार का लक्ष्य पर्यटन विभाग द्वारा लखनऊ की धरोहरों को और अधिक सुलभ और आकर्षक बनाना है। उन्होंने कहा कि शहर अब तेजी से अपने पर्यटन दायरे को बढ़ा रहा है और आने वाले समय में यहां पर्यटकों को और बेहतर अनुभव मिलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि, लखनऊ सिर्फ हजरतगंज और अमीनाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं। रोशन-उद-दौला और छतर मंजिल के विकास के साथ अन्य परियोजनाएं भी मिलकर लखनऊ को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।'


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