लखनऊ अग्निकांड: हाईकोर्ट सख्त अफसरों को फटकार, “कैसे हुआ अवैध कब्जा,” DM-नगर निगम से मांगा जवाब
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Apr, 2026 07:27 PMलखनऊ। राजधानी के विकासनगर सेक्टर-12 में हुए भीषण अग्निकांड की गूंज अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंच गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने एक तरफ जहां पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने का आदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ लापरवाह अफसरों और अवैध कब्जा कराने वाले तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
अग्निकांड पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को फटकार लगाते हुए पूछा कि 20 साल से पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध कब्जा कैसे बना रहा और अफसरों ने बिजली-गैस कनेक्शन कैसे होने दिए? 1200 झोपड़ियां जलने के बाद कोर्ट ने डीएम और नगर निगम से 30 मई तक जवाब मांगा है। साथ ही, पीड़ितों को तुरंत भोजन, दवा और आश्रय देने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने पूछा कि आखिर पीडब्ल्यूडी की चार बीघा बेशकीमती जमीन पर 1455 लोग पिछले 20 सालों से कैसे बसे हुए थे? कोर्ट ने हैरानी जताई कि इतने सालों तक सरकारी अमला क्या सो रहा था? जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर बिना किसी अनुमति के इतनी बड़ी बस्ती कैसे बस गई। कोर्ट ने कंपनियों को भी लपेटे में लिया और पूछा कि इन अवैध झुग्गियों को बिजली और गैस कनेक्शन किस आधार पर और किन कंपनियों ने मुहैया कराए? कोर्ट ने इस मामले में लखनऊ के जिलाधिकारी, सीएमओ, नगर निगम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को कड़ा निर्देश दिया है।
इन सभी अधिकारियों को 30 मई तक कोर्ट में विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि यह अतिक्रमण कैसे हुआ और अब तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। साथ ही, कोर्ट ने भविष्य के लिए आदेश दिया कि अफसर सुनिश्चित करें कि किसी भी सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण न हो। बता दें कि बुधवार शाम विकासनगर के रिंग रोड किनारे स्थित झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई थी। देखते ही देखते करीब 1200 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। हालात इतने भयावह थे कि बस्ती में रखे लगभग सौ एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक धमाकों के साथ फटने लगे, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। दमकल की 22 गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद रात दस बजे तक आग पर काबू पा


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