'फोटो के ₹5000, हाथ मिलाने के ₹10 हजार'... राजभर ने अखिलेश पर लगाए 'वसूली' के गंभीर आरोप

'गेट पर रेट का काउंटर बंद कराइए'... ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, '900 गुना संपत्ति बढ़ी, फिर भी एक्स्ट्रा इनकम क्यों?'... अखिलेश पर राजभर का हमला

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Lucknow, 10 Jul, 2026 01:45 PM
'फोटो के ₹5000, हाथ मिलाने के ₹10 हजार'... राजभर ने अखिलेश पर लगाए 'वसूली' के गंभीर आरोप

लखनऊ। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि अखिलेश यादव से मिलने के लिए उनके आसपास मौजूद लोग कार्यकर्ताओं से पैसे वसूलते हैं।


राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत 'मित्र अखिलेश जी' से करते हुए लिखा कि उनके पास सपा के कुछ कार्यकर्ता आए थे। उन्होंने दावा किया कि ये कार्यकर्ता जाति से यादव थे और अखिलेश यादव के समर्थक भी थे। राजभर के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं ने उनसे शिकायत की कि अखिलेश यादव से मिलने के लिए उनके 'घेरे' के लोग पैसे मांगते हैं।


राजभर ने अखिलेश पर लगाए गंभीर आरोप-


राजभर ने पोस्ट में आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि अखिलेश यादव के साथ फोटो खिंचवाने के लिए ₹5000, हाथ मिलाने के लिए ₹8000 से ₹10,000 तक लिए जाते हैं, जबकि मुलाकात कराने का अलग हिसाब-किताब चलता है। राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा कि 'धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि अपने ही कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं। अगर यादव कार्यकर्ता का यह हाल है तो बाकी लोगों का क्या रेट होगा?'


'900 गुना संपत्ति बढ़ी, फिर भी एक्स्ट्रा इनकम क्यों?'-


अपने पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव की संपत्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि 'सुना है आपकी संपत्ति 900 गुना बढ़ गई। फिर भी यह एक्स्ट्रा इनकम का जुगाड़ क्यों? कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की कमाई क्यों चूस रहे हैं?' राजभर ने यह भी कहा कि अगर यह सब अखिलेश यादव की जानकारी में हो रहा है तो स्थिति गंभीर है और अगर उनके आसपास के लोग ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।


'मित्र मानता हूं, इसलिए समझा रहा हूं'-


राजभर ने लिखा कि भले ही अखिलेश यादव उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानते हों, लेकिन वह उन्हें मित्र मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि अगर वह यह बात अखिलेश यादव तक पहुंचाएंगे तो शायद उनकी बात सुनी जाएगी। इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह मुद्दा उठाया है।


'गेट पर रेट का काउंटर बंद कराइए'-


पोस्ट के आखिर में राजभर ने सबसे तीखा हमला करते हुए लिखा कि अपनी मीटिंग का सौदा बंद करवाइए मित्र। गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए। 20 रुपये चंदा मांगकर कार्यकर्ताओं को मूर्ख मत बनाइए। उन्होंने दावा किया कि अगर यही व्यवस्था चलती रही तो अगले विधानसभा चुनाव में जनता तो हराएगी ही, प्रताड़ित और शोषित कार्यकर्ता भी आपको हरा देंगे। हो सकता है कि नेता प्रतिपक्ष बनने लायक सीटें भी न आएं।

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