विदेशी कंपनी के सहारे 2027 की तैयारी कर रहे हैं अखिलेश? ओपी राजभर का सपा पर बड़ा हमला
'जातियों में लड़ाई कराने के लिए विदेशी कंपनी लगाई'... अखिलेश पर ओपी राजभर का बड़ा आरोप, '2027 चुनाव के लिए विदेशी कंपनी से खुफिया काम करा रहे हैं अखिलेश', राजभर का बड़ा दावा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 16 Jul, 2026 05:59 PMलखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव को निशाने पर लिया है। राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक विदेशी कंपनी को काम पर लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कंपनी का काम विभिन्न जातियों के बीच लड़ाई-झगड़ा कराकर राजनीतिक फायदा पहुंचाना है।
'विदेश दौरों' को लेकर उठाए सवाल-
राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत अखिलेश यादव के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए की। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव को विदेश से काफी लगाव है, लेकिन हाल के दिनों में उनके लगातार विदेश जाने के पीछे चुनावी रणनीति काम कर रही है। राजभर ने दावा किया कि विदेशी कंपनी के जरिए 2027 के चुनाव के लिए जातीय ध्रुवीकरण की योजना बनाई जा रही है और उसी की निगरानी के लिए अखिलेश विदेश जा रहे हैं।
PDA पर भी कसा तंज-
राजभर ने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान पर भी हमला बोला। उन्होंने लिखा कि सपा का नारा पहले ही पूरी तरह विफल हो चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब करोड़ों-अरबों रुपये खर्च कर नए-नए तरीके आजमाए जा रहे हैं, लेकिन जनता सब देख रही है।
जंतर-मंतर को लेकर भी घेरा-
अपने पोस्ट में राजभर ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद जंतर-मंतर की परिक्रमा कर रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव खुद वहां नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए अखिलेश को "एसी-पीसी और ट्विटर वाले नेता" बताया और आरोप लगाया कि वे आंदोलन में शामिल होने के बजाय उसके नाम पर फंडिंग जुटाने की राजनीति करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसी पैसे को विदेशी कंपनी पर खर्च किया जा रहा है।
राहुल गांधी और केजरीवाल का भी लिया नाम-
राजभर ने अपने पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि अगर केवल फंडिंग के दम पर चुनाव जीते जा सकते, तो राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल आज राजनीतिक रूप से इस स्थिति में नहीं होते। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनी पर पैसा खर्च करने से भी अखिलेश यादव को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है।
'हम तो आपके मित्र हैं' कहकर दी नसीहत-
पोस्ट के अंत में राजभर ने खुद को अखिलेश यादव का मित्र बताते हुए लिखा कि उनका काम समझाना है। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि विदेशी कंपनियों के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि इससे चुनावी प्रतिष्ठा तो नहीं बचेगी, उल्टा पैसा भी बर्बाद होगा।



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