यूपी कैबिनेट निर्णय : 18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी योगी सरकार

जीसीसी मॉडल पर होगा संचालन, नगरीय परिवहन को मिलेगा आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप, यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं, निजी निवेश से बढ़ेगी सेवा गुणवत्ता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

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Lucknow, 3 Jun, 2026 08:28 PM
यूपी कैबिनेट निर्णय : 18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी योगी सरकार

लखनऊ, 3 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नगरीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाना है।


योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 एसी ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन तिथि से 12 वर्ष होगी। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 24 प्रस्तावों को कैबिनेट की ओर से स्वीकृति दी गई।


जीसीसी मॉडल के अंतर्गत बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, चालक एवं तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता, बसों का संचालन और अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। निर्धारित मानकों के आधार पर उन्हें संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क का भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत 12 मीटर ई-बस पर 40 लाख रुपये तथा 9 मीटर ई-बस पर 35 लाख रुपये प्रति बस की दर से अनुदान भी दिया जाएगा।


परियोजना के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। किराया एवं उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस योजना से सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही निजी निवेश के माध्यम से सरकारी वित्तीय भार कम होगा तथा प्रदेश के शहरों में आधुनिक शहरी परिवहन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि अभी 15 नगर निगमों में नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है।

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