'सपा को वोट नहीं दिया तो फूंक दिए 13 दलितों के घर', राजभर ने सीतापुर की घटना का जिक्र कर अखिलेश को घेरा

'सपा का आतंकराज' सीरीज से ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- अब रोज होगा हिसाब, 'अब एक-एक जिले की कहानी सामने आएगी', राजभर ने शुरू की 'सपा का आतंकराज' सीरीज

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Lucknow, 14 Jul, 2026 04:51 PM
'सपा को वोट नहीं दिया तो फूंक दिए 13 दलितों के घर', राजभर ने सीतापुर की घटना का जिक्र कर अखिलेश को घेरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ नया राजनीतिक अभियान छेड़ दिया है। राजभर ने सोशल मीडिया पर *'सपा का आतंकराज - पार्ट 1'* शीर्षक से एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में दलितों और पिछड़ों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हुए थे। उन्होंने कहा कि अब वह रोज एक जिले की ऐसी घटनाओं को सामने लाकर अखिलेश यादव से जवाब मांगेंगे।


राजभर ने लिखा कि उन्होंने पहले ही ऐलान किया था कि वह हर दिन एक जिले से जुड़ी ऐसी घटनाओं को याद दिलाएंगे, जिन्हें वह सपा सरकार के आतंकराज की मिसाल मानते हैं। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर की घटना के बाद अब वह सीतापुर की घटनाओं का जिक्र कर रहे हैं।


'सपा को वोट नहीं दिया, इसलिए दलितों के घर जला दिए'-


अपने पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि *6 मार्च 2012* को विधानसभा चुनाव का जनादेश मिलने के साथ ही सपा कार्यकर्ताओं का आतंक शुरू हो गया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार के औपचारिक गठन से पहले ही *8 मार्च 2012* को सीतापुर जिले के रेवसा क्षेत्र के बिंबिया गांव में दलितों के 13 घरों में आग लगा दी गई। राजभर के मुताबिक, ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि दलितों ने समाजवादी पार्टी को वोट नहीं दिया था।


2015 की घटना का भी किया जिक्र-


राजभर ने अपने पोस्ट में *21 दिसंबर 2015* की सीतापुर के लहरपुर थाना क्षेत्र के पट्टी देहलिया गांव की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी को वोट न देने पर दलित बस्ती के 35 घरों में आग लगा दी गई। राजभर ने दावा किया कि इस आगजनी में दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय सपा का प्रधान खुद आग लगाने में शामिल था और पीड़ित परिवारों की गुहार के बावजूद किसी ने उनकी मदद नहीं की।


'बहुजनों पर होता था अत्याचार'-


राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में वोट न देने की कीमत दलितों और अति पिछड़े समाज को चुकानी पड़ती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद सपा कार्यकर्ताओं का मनोबल इतना बढ़ जाता था कि वे खुलेआम अत्याचार करते थे, जबकि सरकार और पूरा प्रशासन मूकदर्शक बना रहता था।


पोस्ट के आखिर में राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि सपा सरकार के उस आतंकराज को याद कर आज भी प्रदेश की जनता सिहर उठती है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में वह एक-एक जिले की ऐसी घटनाओं को सामने लाकर अखिलेश यादव से उनका हिसाब मांगेंगे।

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