दलित उत्पीड़न के आंकड़े लेकर सपा पर टूट पड़े राजभर, PDA पर खड़े किए बड़े सवाल

'दलितों पर अत्याचार कौन कर रहा?' राजभर ने पुलिस के आंकड़ों से सपा को घेरा, दलित उत्पीड़न के आंकड़े गिनाकर राजभर ने अखिलेश के PDA मॉडल को कठघरे में खड़ा किया

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Lucknow, 18 Jun, 2026 01:23 PM
दलित उत्पीड़न के आंकड़े लेकर सपा पर टूट पड़े राजभर, PDA पर खड़े किए बड़े सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति को लेकर एक बार फिर सियासी जंग छिड़ गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके PDA अभियान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी दलितों पर होने वाले अत्याचारों की बात तो करती है, लेकिन यह नहीं बताती कि इन मामलों में आरोपी कौन हैं।


सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने कहा कि सपाइयों को लग रहा था कि वह दलितों पर हुए अत्याचार के मामलों का जोनवार और कमिश्नरेटवार ब्योरा सार्वजनिक नहीं करेंगे। उन्होंने सपा समर्थकों को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें गलतफहमी है कि वह यह मुद्दा भूल गए हैं।


गोरखपुर का जिक्र कर राजभर ने अखिलेश को घेरा-


राजभर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश के अलग-अलग पुलिस जोन और कमिश्नरेट में दर्ज दलित उत्पीड़न के मामलों में बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोग आरोपी पाए गए हैं। उन्होंने गोरखपुर जोन से शुरुआत करते हुए कहा कि हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर में दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया था, लेकिन वहां दर्ज मामलों में बड़ी संख्या में आरोपी उन्हीं समुदायों से जुड़े हैं जिन्हें सपा अपने PDA गठजोड़ का हिस्सा बताती है।


इसके बाद राजभर ने गोरखपुर, बनारस, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ और लखनऊ जोन के आंकड़े गिनाए। उन्होंने दावा किया कि इन जोनों में दर्ज दलित उत्पीड़न के मामलों में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या सबसे अधिक है। राजभर ने यह भी कहा कि बरेली, मेरठ और लखनऊ जैसे इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए हैं।


सुभासपा प्रमुख ने सिर्फ जोन स्तर के आंकड़ों का ही जिक्र नहीं किया, बल्कि आगरा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने दावा किया कि इन शहरों में दलितों के साथ मारपीट, धमकी, उत्पीड़न, बलात्कार और हत्या जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम सामने आए हैं।


पीडीए पर साधा निशाना-


अपने पोस्ट में राजभर ने PDA की अवधारणा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का PDA अब 'पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक' नहीं रह गया है, बल्कि दलितों पर अत्याचार करने वालों का संरक्षण करने वाला गठजोड़ बन गया है। उनका कहना था कि अगर दलितों पर अत्याचार के मुद्दे पर राजनीति हो रही है तो यह भी बताया जाना चाहिए कि ऐसे मामलों में आरोपी कौन हैं।


राजभर ने यह भी कहा कि इन मामलों में कार्रवाई हो रही है और उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में लिखा कि किसी को यह चिंता करने की जरूरत नहीं है कि आरोपी बच जाएंगे, क्योंकि पुलिस उनका 'कायदे से उपचार' कर रही है।


पोस्ट के अंत में राजभर ने समाजवादी पार्टी पर सबसे बड़ा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि गैर-यादव पिछड़ों और दलितों के प्रति सपा समर्थकों का रवैया कभी नहीं बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों पर अत्याचार की मानसिकता सपा की राजनीति और उसके समर्थकों की सोच में गहराई तक समाई हुई है।

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