गोरखपुर से पौधरोपण महायज्ञ का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री योगी

रविवार सुबह लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे पौधा लगाएंगे सीएम योगी, लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) और ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधरोपण करेंगे मुख्यमंत्री

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Lucknow, 11 Jul, 2026 05:44 PM
गोरखपुर से पौधरोपण महायज्ञ का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर, 11 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (12 जुलाई) को गोरखपुर से, प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ - 2026 का शुभारंभ करेंगे। रविवार सुबह वह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाएंगे। इस अवसर पर जनसभा कर वह प्रदेशवासियों को पौधरोपण महायज्ञ में जिम्मेदारीपूर्वक हिस्सेदारी करने का आह्वान करेंगे। पौधरोपण महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहेंगे। महाभियान के जरिये प्रदेश सरकार ने इस बार 35 करोड़ पौधरोपण करने का लक्ष्य तय किया है।


मुख्यमंत्री, लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) का पौधा लगाकर पौधरोपण महायज्ञ - 2026 का शुभारंभ करेंगे। जबकि ताल रिंग रोड के किनारे वह मौलश्री का पौधरोपण करेंगे। सीएम योगी के मार्गदर्शन में इस बार राज्यभर में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसे लेकर वन विभाग के संयोजन में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस लक्ष्य में गोरखपुर को 55 लाख 28 हजार 600 पौधरोपण की जिम्मेदारी मिली है। कुल 27 विभागों के सामंजस्य से होने वाले पौधरोपण महाभियान में सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग के पास है।


गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार गोरखपुर जिले को मिले लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पौधशालाओं में गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। पौधों के बेहतर विकास एवं उत्तरजीविता के लिए चिन्हित रोपण स्थलों पर एडवांस सॉयल वर्क के अंतर्गत गड्ढा खुदाई, टॉप सॉयल की व्यवस्था, पौधरोपण स्थलों का विकास, पौध संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं तथा अन्य तैयारियां पहले से पूर्ण हैं।


गोरखपुर के इन विभागों को मिला है एक लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य-


*विभाग*               *लक्ष्य* 

वन विभाग           1937000

ग्राम विकास  विभाग   1861000

कृषि विभाग         576000

उद्यान विभाग      285000

पर्यावरण विभाग         238000

पंचायती राज विभाग   202000

राजस्व विभाग        143000

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