बिजली बिल बढ़ोतरी पर सियासत तेज, अखिलेश ने सरकार को घेरा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Jun, 2026 10:39 PMलखनऊ,1 जून 2026 उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रस्तावित बिजली शुल्क वृद्धि को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इस मुद्दे ने महंगाई, बिजली व्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले असर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब जनता पहले से ही महंगाई और बढ़ते खर्चों से जूझ रही है, तब बिजली बिलों में अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं पर नया भार क्यों डाला जा रहा है। यह विवाद जून माह के बिजली बिलों में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू किए जाने के फैसले के बाद सामने आया है। बिजली विभाग का कहना है कि यह स्थायी टैरिफ वृद्धि नहीं है, बल्कि ईंधन और बिजली खरीद लागत में उतार-चढ़ाव के आधार पर किया गया अस्थायी समायोजन है। अधिकारियों के अनुसार, यह शुल्क परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। बिजली शुल्क को लेकर जारी बहस अब प्रदेश में एक महत्वपूर्ण जनहित मुद्दा बनती जा रही है। एक ओर ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती लागत का सवाल है, तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं की आर्थिक क्षमता और राहत की चिंता भी जुड़ी हुई है। ऐसे में बिजली व्यवस्था और आम जनता के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।



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