परिषदीय बच्चों की भाषा और गणितीय क्षमता मजबूत करेगी योगी सरकार

एफएलएन आधारित शिक्षण को मजबूत करने के लिए एआरपी और डायट मेंटर्स का होगा पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण, निपुण भारत मिशन के अंतर्गत कक्षा शिक्षण, भाषा दक्षता और गणितीय समझ पर रहेगा विशेष फोकस

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Lucknow, 12 May, 2026 09:26 PM
परिषदीय बच्चों की भाषा और गणितीय क्षमता मजबूत करेगी योगी सरकार

लखनऊ, 12 मई। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की भाषा और गणितीय क्षमता को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार अब शिक्षकों और अकादमिक सहयोगियों को विशेष प्रशिक्षण से सशक्त करने जा रही है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के चयनित जिलों के एआरपी और डायट मेंटर्स का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 16 से 20 मई तक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ में आयोजित किया जाएगा।


योगी सरकार का फोकस अब स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ कक्षा में उनकी वास्तविक सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने पर है। इसी रणनीति के अंतर्गत एफएलएन आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित पढ़ाई और आधुनिक कक्षा संचालन को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगरा, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बरेली, बुलंदशहर, देवरिया, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और उन्नाव सहित कई जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे।


प्रत्येक जनपद से चार-चार संदर्भदाताओं का चयन-


जारी निर्देशों के अनुसार शैक्षिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण के लिए जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का चयन किया जाएगा। राज्य स्तर पर प्रशिक्षण के बाद ये संदर्भदाता अपने-अपने जिलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।


चयनित संदर्भदाताओं में दो-दो एसआरजी और डायट मेंटर्स शामिल-


प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाताओं का चयन किया जाना है, जिनमें दो एसआरजी और दो डायट मेंटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए ऐसे प्रतिभागियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों की अच्छी समझ तथा कक्षा संचालन का अनुभव हो। हालांकि, यदि किसी जिले में एसआरजी की संख्या कम है तो अतिरिक्त डायट मेंटर्स को नामित किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसे प्रतिभागियों का चयन किया जाए, जो प्रशिक्षण के बाद जिला स्तर पर प्रभावी तरीके से शिक्षकों को प्रशिक्षित कर सकें।


एफएलएन आधारित शिक्षण को मिलेगी मजबूती-


योगी सरकार पहले ही निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। अब इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों और अकादमिक टीम को नई शिक्षण तकनीकों, गतिविधि आधारित शिक्षण और बच्चों की सीखने की गति को समझने के तरीकों से जोड़ा जाएगा। ज्ञातव्य है को प्रशिक्षित शिक्षक ही बच्चों की भाषा दक्षता, पढ़ने-समझने की क्षमता और गणितीय सोच को बेहतर ढंग से विकसित कर सकते हैं। यही कारण है कि अब केवल पाठ्यपुस्तक आधारित पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यावहारिक और सहभागिता आधारित शिक्षण पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है।


कक्षा स्तर पर दिखेगा असर-


शिक्षक प्रशिक्षण और अकादमिक मॉनिटरिंग को मजबूत कर परिषदीय विद्यालयों में सीखने के स्तर को और बेहतर बनाने पर सरकार का जोर है। जब शिक्षक आधुनिक शिक्षण तकनीकों और गतिविधि आधारित पढ़ाई में दक्ष होंगे, तब उसका सीधा लाभ बच्चों की भाषा, गणित और समझ विकसित करने की क्षमता पर दिखाई देगा।

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