अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव की भव्य तैयारी , दोपहर 12 बजे हुया दिव्य जन्म और सूर्य तिलक
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 27 Mar, 2026 04:37 PMअयोध्या | 27 मार्च 2026 अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव को लेकर पूरे शहर में उत्सव का माहौल है। राम मंदिर अयोध्या परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म के साथ ही उत्सव अपने चरम पर हुया। इस विशेष अवसर के लिए सभी तैयारियां पूरी की गई हैं और पूरी नगरी भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है। जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक था, ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें लगभग चार से पांच मिनट तक रामलला के ललाट का अभिषेक किया। इस प्रक्रिया का सफल परीक्षण पहले ही किया जा चुका था। मंदिर में सुबह 9 बजे से पंचामृत महाअभिषेक के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिसके बाद रामलला का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना किया गया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब सुबह 5 बजे से प्रवेश शुरू होगा और दर्शन सुबह 5:20 बजे से रात 11 बजे तक जारी रहेंगे। रामजन्मभूमि परिसर और दर्शन मार्ग पर गर्मी से राहत के लिए कालीन और मैटिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही पेयजल, चिकित्सा और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में डायवर्जन लागू किया गया है और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। रामपथ, भक्तिपथ, सरयू घाट, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और पंडाल लगाए गए हैं। जन्मोत्सव के सभी कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बनें। अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव की भव्य तैयारी पूरी, दोपहर 12 बजे हुया दिव्य जन्म और सूर्य तिलक अयोध्या में रामलला के तीसरे जन्मोत्सव को लेकर पूरे शहर में उत्सव का माहौल है। राम मंदिर अयोध्या परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म के साथ ही उत्सव अपने चरम पर है। इस विशेष अवसर के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी और पूरी नगरी भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है। जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक था, जिसमें ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें लगभग चार से पांच मिनट तक रामलला के ललाट का अभिषेक किया। इस प्रक्रिया का सफल परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। मंदिर में सुबह 9 बजे से पंचामृत महाअभिषेक के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जिसके बाद रामलला का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन का समय भी बढ़ा दिया गया है। अब सुबह 5 बजे से प्रवेश शुरू होगा और दर्शन सुबह 5:20 बजे से रात 11 बजे तक जारी रहेंगे। रामजन्मभूमि परिसर और दर्शन मार्ग पर गर्मी से राहत के लिए कालीन और मैटिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही पेयजल, चिकित्सा और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में डायवर्जन लागू किया गया है और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। रामपथ, भक्तिपथ, सरयू घाट, हनुमानगढ़ी और अन्य प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग और पंडाल लगाए गए हैं। जन्मोत्सव के सभी कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बन सकें।


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