मेरी उड़ान: केजीबीवी की बेटियों ने मेहनत से हासिल किया सफलता का आसमान
अलीगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से निकली बेटियों ने खाकी पहन बढ़ाया प्रदेश का मान, वंचित परिवारों की छात्राओं ने शिक्षा और संकल्प के दम पर लिखी प्रेरणा की नई कहानी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 25 May, 2026 06:22 PMलखनऊ, 25 मई : सपनों को पंख तब मिलते हैं, जब अवसर, शिक्षा और आत्मविश्वास एक साथ जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आज ऐसी ही हजारों बेटियों की उड़ान का मजबूत आधार बन रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करने वाली वंचित परिवारों की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर समाज में नई पहचान बना रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल, शिक्षकाओं के मार्गदर्शन और छात्राओं की अथक मेहनत ने इन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बना दिया है।
जनपद अलीगढ़ के विकास खण्ड अतरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मढ़ौली की पूर्व छात्रा यामिनी वर्मा की कहानी संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा है। वर्ष 2012 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली यामिनी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की और 18 जून 2025 को जनपद इटावा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और विद्यालय का नाम रोशन किया।
यामिनी वर्मा कहती हैं, “केजीबीवी ने मुझे केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया। यहां की शिक्षिकाओं ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अगर मुझे यहां का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो शायद मैं अपने सपने तक नहीं पहुंच पाती। आज जो भी हूं, उसमें मेरे विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।”
इसी विद्यालय की छात्रा रहीं मुनिशा यादव ने भी अपने सपनों को हकीकत में बदलकर मिसाल पेश की। वर्ष 2008 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली मुनिशा शुरू से ही पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। पढ़ाई के साथ नियमित व्यायाम, दौड़ और अनुशासित तैयारी को उन्होंने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर 12 जुलाई 2018 को जनपद अमरोहा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त की।
मुनिशा यादव बताती हैं, “केजीबीवी में रहकर मुझे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने की सीख मिली। यहां शिक्षिकाएं हर कदम पर हमारा हौसला बढ़ाती थीं। विद्यालय का माहौल ऐसा था जिसने मुझे अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की ताकत दी।”
विकास खण्ड गंगीरी की छात्रा कंचन ने भी अपनी लगन से सफलता का नया अध्याय लिखा। 2010 में कक्षा-08 उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने लगातार शिक्षा जारी रखी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विज्ञान वर्ग से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद कंचन ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की और 13 मार्च 2023 को जनपद सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन किया। उनकी सफलता आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन चुकी है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की ये बेटियां आज यह साबित कर रही हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अगर शिक्षा और संकल्प साथ हो तो हर सपना पूरा किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल अब हजारों बेटियों के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और नई उड़ान बनकर सामने आ रही है।



No Previous Comments found.