मंत्री ने अखिलेश यादव से पूछा, सपा में सामाजिक न्याय या जातीय वर्चस्व?

गैर यादव पिछड़े नेताओं के साथ सपा में अभद्र व्यवहार पर राज्यमंत्री संजय गंगवार का प्रहार, चंदौली, बांदा व प्रयागराज की घटनाओं का जिक्र कर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट, गैर यादव पिछड़ा समाज को दिखाई दे रहा सपा का व्यवहार: संजय गंगवार

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Lucknow, 30 Jun, 2026 11:33 PM
मंत्री ने अखिलेश यादव से पूछा, सपा में सामाजिक न्याय या जातीय वर्चस्व?

लखनऊ, 30 जून। योगी सरकार में गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी समाजवादी पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सपा के सामाजिक न्याय के दावे को चुनौती देते हुए गैर यादव पिछड़े नेताओं के साथ पार्टी में अपमानजनक व अभद्र व्यवहार का कारण पूछा है।


संजय गंगवार ने सपा मुखिया पर तंज कसते हुए अपने पोस्ट में लिखा कि समाजवाद पर भाषण देना आसान है, लेकिन अपनी ही पार्टी में सामाजिक न्याय लागू करना उनके लिए नामुमकिन जैसा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि समाजवादी पार्टी वास्तव में सभी पिछड़ों की पार्टी है, तो गैर यादव पिछड़े नेताओं के साथ बार-बार टकराव और उनके अपमान की घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं।


सपा में नेतृत्व का अधिकार एक ही जाति तक सुरक्षित-


राज्यमंत्री गंगवार ने चंदौली में गार्गी पटेल के साथ मारपीट, बांदा में सांसद कृष्णा देवी शिव शंकर पटेल के साथ अभद्र व्यवहार और प्रयागराज में अखिलेश यादव की मौजूदगी में विधायक संदीप पटेल के विरोध का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या यह केवल संयोग है या फिर समाजवादी पार्टी में नेतृत्व का अधिकार आज भी एक ही जाति के लिए सुरक्षित माना जाता है।


गैर यादव पिछड़े नेताओं को सम्मान व सुरक्षा नहीं-


गन्ना राज्यमंत्री ने आगे लिखा कि उत्तर प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा समाज सब समझ रहा है। उसे सपा नेताओं का भाषण नहीं, बल्कि व्यवहार दिखाई दे रहा है। नारे नहीं, पार्टी का वास्तविक चरित्र दिखाई दे रहा है। जो पार्टी अपने ही गैर यादव पिछड़े नेताओं को सम्मान और सुरक्षा नहीं दे सकती, वह पूरे पिछड़े समाज के सम्मान की बात किस भरोसे से करती है।


उन्होंने यह भी लिखा कि वर्ष 2027 का चुनाव केवल सरकार का फैसला नहीं करेगा, बल्कि उस राजनीति का भी फैसला होगा जो सामाजिक न्याय का दावा करती है, लेकिन अपनी ही पार्टी में बराबरी निभा नहीं पाती।

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