राष्ट्रीय मंच पर चमका यूपी का हरित परिवहन मॉडल, भविष्य की मोबिलिटी का रोडमैप पेश
विकसित हो रहे सतत परिवहन मॉडल, स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन मोबिलिटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा भविष्य उन्मुख अवसंरचना विकास की प्रस्तुत की व्यापक रूपरेखा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 21 Apr, 2026 07:41 PMलखनऊ, 21 अप्रैल। नई दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सतत मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना विजन को विस्तार से रखा।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव’ का मंगलवार को नई दिल्ली में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल, रेलवे, मरीन, एविएशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन, लंबी दूरी माल परिवहन, शहरी परिवहन, स्मार्ट मोबिलिटी और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। देशभर से नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, परिवहन विशेषज्ञों, निवेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मनोज कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश के हरित एवं टिकाऊ परिवहन मॉडल को प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रदेश के संतुलित विकास के लिए परिवहन व्यवस्था का हरित, सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक आधारित होना जरूरी है।
मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेस-वे विकास में अग्रणी राज्य बन चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया है। इससे यात्रा समय घटा है, ईंधन की बचत हुई है, औद्योगिक निवेश बढ़ा है और माल परिवहन अधिक दक्ष हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ई-बसों, चार्जिंग नेटवर्क और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है। साथ ही एथेनॉल, बायोगैस, सीबीजी और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा क्षेत्र में भी तेजी से काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल टोलिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य के परिवहन क्षेत्र को नई दिशा देंगी। हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


No Previous Comments found.