'दक्ष' हस्तपुस्तिका से सशक्त होंगे प्रधानाचार्य, योगी सरकार ने विद्यालयी नेतृत्व को दी नई दिशा
एससीईआरटी ने माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लिए तैयार की 'दक्ष' हस्तपुस्तिका और प्रशिक्षण मार्गदर्शिका, सहयोगात्मक प्रक्रिया से विकसित हस्तपुस्तिका बनेगी विद्यालयी नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन का व्यावहारिक संदर्भ दस्तावेज
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 22 Jul, 2026 11:18 PMलखनऊ, 22 जुलाई। योगी सरकार माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक नेतृत्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लिए 'दक्ष' हस्तपुस्तिका तथा उसके प्रशिक्षण की मार्गदर्शिका तैयार की है। सहयोगात्मक प्रक्रिया से विकसित यह हस्तपुस्तिका विद्यालय प्रमुखों को प्रभावी नेतृत्व, बेहतर विद्यालय प्रबंधन और संस्थागत विकास के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ दस्तावेज उपलब्ध कराएगी।
किसी भी विद्यालय की गुणवत्ता का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका नेतृत्व होता है। इसी सोच के अनुरूप तैयार की गई 'दक्ष' हस्तपुस्तिका का उद्देश्य प्रधानाचार्यों को विद्यालय संचालन में एक समान दृष्टिकोण उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में उत्तरदायी, परिणामोन्मुखी और गुणवत्ता-केंद्रित कार्य-संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। यह पहल विद्यालयों में शैक्षिक नेतृत्व को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई 'दक्ष' हस्तपुस्तिका और प्रशिक्षण मार्गदर्शिका को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से राजकीय, सहायता प्राप्त तथा गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तक उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी प्रधानाचार्यों तक एक समान संदर्भ सामग्री पहुंचाना है, जिससे विद्यालयों में बेहतर नेतृत्व और प्रभावी कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिल सके।
प्रधानाचार्यों को मिलेगा व्यावहारिक मार्गदर्शन-
'दक्ष' हस्तपुस्तिका प्रधानाचार्यों के लिए विद्यालयी नेतृत्व का व्यावहारिक मार्गदर्शक दस्तावेज है। इसके माध्यम से विद्यालय प्रमुखों को नेतृत्व की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने, संस्थागत कार्य-संस्कृति को मजबूत करने तथा विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को गति देने के लिए एक समान संदर्भ सामग्री उपलब्ध होगी। इसके साथ तैयार की गई प्रशिक्षण मार्गदर्शिका हस्तपुस्तिका के प्रभावी उपयोग में भी सहायक होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना को मिलेगा बल-
एससीईआरटी द्वारा विकसित यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यालयी नेतृत्व को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में नेतृत्व क्षमता का विकास करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थागत सुधार की प्रक्रिया को मजबूत करना है, ताकि विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित हो सके।
विद्यालयों में विकसित होगी एक समान नेतृत्व संस्कृति-
'दक्ष' हस्तपुस्तिका के माध्यम से विद्यालयों में नेतृत्व और प्रबंधन की एक समान कार्यदृष्टि विकसित करने का प्रयास किया गया है। इससे प्रधानाचार्यों को विद्यालय संचालन में बेहतर निर्णय लेने, सकारात्मक कार्य-संस्कृति विकसित करने तथा संस्थागत गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
'दक्ष' हस्तपुस्तिका माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लिए तैयार की गई एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। इसका उद्देश्य विद्यालयी नेतृत्व, शैक्षिक गुणवत्ता और संस्थागत कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ बनाना है। सभी प्रधानाचार्य इस हस्तपुस्तिका का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करें, इसे अपने सहयोगी शिक्षकों के साथ साझा करें और इसके प्रावधानों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करें। गैर सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी इसका अध्ययन कर इसकी उपयोगी अवधारणाओं को अपने विद्यालयों में अपनाएं।
-गणेश कुमार, निदेशक, एससीईआरटी, लखनऊ
प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक किसी भी विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता, कार्य-संस्कृति और संस्थागत विकास के प्रमुख आधार होते हैं। एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई 'दक्ष' हस्तपुस्तिका और प्रशिक्षण मार्गदर्शिका इसी सोच का परिणाम है। यह हस्तपुस्तिका प्रधानाचार्यों के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी और विद्यालयों में प्रभावी नेतृत्व को नई दिशा देगी।
-विष्णुकान्त पाण्डेय, अपर राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा)



No Previous Comments found.