'सपा टूटकर रहेगी', अखिलेश को खुली चुनौती देकर बोले ओपी राजभर- लड़ना है तो मुझसे लड़ो
'गैर-यादव OBC और दलितों को धमकाना बंद करो', अखिलेश पर फिर बरसे ओपी राजभर, 'कन्नौज में सिर्फ सपाई अब्दुल्लों का विकास?', राजभर ने अखिलेश पर लगाए गंभीर आरोप, मुरादाबाद-बांदा विवाद का जिक्र कर राजभर का हमला, बोले- गैर यादव OBC का अपमान सपा को पड़ेगा भारी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 28 Jun, 2026 02:21 PMलखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और सुभासपा के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर रविवार को किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने सांसद निधि के खर्च से लेकर ओबीसी आरक्षण, गैर-यादव पिछड़ों, दलितों और सपा के अंदर चल रहे विवादों तक कई मुद्दों पर अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़ों और दलित नेताओं का लगातार अपमान हो रहा है और इसी वजह से पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है।
अखिलेश की सांसद निधि पर उठाए सवाल-
राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत कन्नौज से समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव की सांसद निधि के खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए की। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में सिर्फ एक विशेष समुदाय के मोहल्लों को प्राथमिकता दी गई, जबकि जाटव, धानुक, धोबी, लोधी समेत अन्य समाजों की बस्तियों की अनदेखी की गई। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि क्या उजाला सिर्फ कुछ मोहल्लों तक ही सीमित रहेगा, बाकी लोगों को चांद के भरोसे छोड़ दिया गया है।
इसके बाद राजभर ने समाजवादी पार्टी की सरकार पर ओबीसी आरक्षण में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में पिछड़ा वर्ग आरक्षण का सबसे ज्यादा फायदा केवल यादव और मुस्लिम समुदाय को मिला, जबकि पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, फकीर, बंजारा समेत अति पिछड़ी और दलित जातियों को उनका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण इन समाजों की दो पीढ़ियां शिक्षा और रोजगार में पीछे रह गईं और आज भी बड़ी संख्या में उनके बच्चे मजदूरी, रिक्शा चलाने और छोटे-मोटे काम करने को मजबूर हैं।
राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने गैर-यादव पिछड़ों को कमजोर किया, जिसका असर अब पार्टी के सामाजिक समीकरणों पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर आज भी दबंगई और गुंडागर्दी का माहौल है और गैर-यादव पिछड़े नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
महिला सांसदों के अपमान का किया जिक्र-
राजभर ने हाल के दिनों में मुरादाबाद और बांदा में सामने आए विवादों का भी जिक्र किया। राजभर ने आरोप लगाया कि वहां उनकी 'बहनों' के साथ समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अभद्र व्यवहार किया और उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि कहीं किसी महिला नेता को हिंदू होने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है तो कहीं गैर-यादव ओबीसी होने की वजह से अपमानित किया जा रहा है। दरअसल, राजभर ने मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा और बांदा से सांसद कृष्णादेवी पटेल का जिक्र किया। जिन्होंने हाल ही में आरोप लगाया है कि उन्हीं के पार्टी के नेता उन्हें लगातार अपमानित कर रहे हैं।
राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनकी लड़ाई ओमप्रकाश राजभर से है तो सीधे उनसे लड़ें, लेकिन गैर-यादव पिछड़ों और दलितों को डराने-धमकाने का काम बंद करें। उन्होंने कहा कि अगर अति पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की लड़ाई में जान देने की नौबत भी आई तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
'सपा में टूट तय है'-
पोस्ट के आखिर में राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को अब गुंडई से नहीं बचाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोकने की बजाय पार्टी नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में टूट तय है और अगर पार्टी को बचाना है तो पहले संगठन और कार्यशैली में सुधार करना होगा।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से ओमप्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। इससे पहले भी वह गोमती रिवर फ्रंट परियोजना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर चुके हैं। अब उनके ताजा बयान ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है।



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