'आजम, हसन और कमाल' के बीच फंसी रुचि वीरा? बेबी रानी मौर्य के पोस्ट से बढ़ीं चर्चाएं

'जो कहा था, अब उसे फैसले में बदल दीजिए', सपा सांसद रुचि वीरा को बेबी रानी मौर्य का संदेश, 'अब इंतजार किस बात का?', सपा सांसद के नाम बेबी रानी मौर्य का बड़ा सियासी संकेत

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Lucknow, 20 Jun, 2026 09:11 PM
'आजम, हसन और कमाल' के बीच फंसी रुचि वीरा? बेबी रानी मौर्य के पोस्ट से बढ़ीं चर्चाएं

लखनऊ। मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा के PDA के एक कार्यक्रम में शामिल न होने को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा की वरिष्ठ नेता और योगी सरकार में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर रुचि वीरा के बहाने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।


बेबी रानी मौर्य ने एक न्यूज चैनल का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें दावा किया गया था कि समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) कार्यक्रम में रुचि वीरा शामिल नहीं हुईं। इसी खबर को आधार बनाकर उन्होंने सपा के अंदरूनी हालात पर सवाल उठाए।


रुचि वीरा को बताया फाइटर-


अपने पोस्ट में बेबी रानी मौर्य ने लिखा, 'प्रिय रुचि जी, मुझे सूचना मिली है कि आप परेशान हैं, आपका मन व्यथित है और आपका दम घुट रहा है। वैसे आप जहां हैं, वहां यह होना स्वाभाविक है।'


उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर अच्छा लगा कि रुचि वीरा ऐसे लोगों से लड़ रही हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि 'हसन' साहब 'कमाल' के 'आजम' हैं। बेबी रानी मौर्य ने इसे तीन व्यक्तित्वों से लड़ाई बताते हुए कहा कि यह आसान काम नहीं है। भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में रुचि वीरा की तारीफ भी की और उन्हें फाइटर बताते हुए लिखा कि जीतोगे भी आप ही। 


दरअसल, ये बात किसी से छिपी नहीं है कि सपा में एसटी हसन, कमाल अख्तर और आजम खान में सियासी वर्चस्व की लड़ाई है। जबकि रुचि वीरा को आजम खान का बेहद करीबी माना जाता है। रुचि वीरा भी आजम खान को अपना राजनीतिक गुरु बताती हैं। जिसके चलते उनके अन्य नेताओं से मनमुटाव की खबरें आती रहती हैं। इसी को लेकर इशारों में बेबी रानी मौर्य ने निशाना साधा है।


पोस्ट के आखिर में बेबी रानी मौर्य ने एक राजनीतिक संकेत देते हुए लिखा, 'बस वही करना जो आपने बताया था। दिल और दिमाग में जो बात थी, उसे सही समय पर निर्णय में बदल देना।' बेबी रानी मौर्य के इस बयान को सपा के भीतर संभावित असंतोष और राजनीतिक फैसले की ओर इशारे के रूप में देखा जा रहा है।


गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के भीतर नाराजगी और संभावित टूट को लेकर लगातार दावे हो रहे हैं। वहीं, रुचि वीरा को लेकर भी कई बीजेपी और सहयोगी दल के नेता दावा कर रहे हैं वह पाला बदल सकती हैं। हाल ही में रुचि वीरा ने अपनी पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे जब उन्होंने दावा किया था कि उन्हें जानबूझकर कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया और पोस्टर में उनका नाम तक नहीं दिया गया। इसको लेकर रुचि वीरा ने खुली नाराजगी जाहिर की थी।

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