योगी सरकार की हरित ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान, यूपी बना 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन'

पवन ऊर्जा खरीद में उत्तर प्रदेश ने रचा कीर्तिमान, 5000 मेगावाट अतिरिक्त खरीद की तैयारी, गोवा में 'ग्लोबल विंड डे-2026' के दौरान मिला प्रतिष्ठित सम्मान, 5805 मेगावाट पवन ऊर्जा का दीर्घकालिक प्रबंध, 1630 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू

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Lucknow, 15 Jun, 2026 09:31 PM
योगी सरकार की हरित ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान, यूपी बना 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन'

लखनऊ, 15 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में पवन ऊर्जा की खरीद और उसके प्रोत्साहन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश को भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रतिष्ठित 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन' सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान गोवा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के 'ग्लोबल विंड डे-2026' कार्यक्रम में प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की दूरदर्शी ऊर्जा नीति और प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रमाण मानी जा रही है। 


1630 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू-


योगी सरकार लगातार बढ़ती बिजली मांग को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष जोर दे रही है। हालांकि उत्तर प्रदेश में पवन ऊर्जा उत्पादन की प्राकृतिक संभावनाएं सीमित हैं, फिर भी राज्य ने अन्य पवन ऊर्जा उत्पादक राज्यों से बड़ी मात्रा में हरित बिजली खरीदकर एक नई मिसाल कायम की है। भारतीय सौर ऊर्जा निगम और पावर ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन के माध्यम से प्रदेश ने अब तक लगभग 5805 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता का दीर्घकालिक प्रबंध किया है। इनमें से करीब 1630 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं और उनसे प्राप्त बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है।


यूपीपीसीएल ने 5000 मेगावाट पवन ऊर्जा खरीदने की योजना बनाई-


प्रदेश सरकार वर्ष 2030 तक निर्धारित नवीकरणीय ऊर्जा उपभोग दायित्व लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भी तेजी से काम कर रही है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा अतिरिक्त 5000 मेगावाट पवन ऊर्जा खरीदने की योजना तैयार की गई है। पवन ऊर्जा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह गर्मियों में, जब बिजली की मांग सबसे अधिक होती है, तब भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहती है। विशेष रूप से शाम और रात के समय यह ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जबकि सौर ऊर्जा केवल दिन में उपलब्ध होती है। बिजली की अधिक मांग अक्सर शाम और रात में होती है।


यूपी को हरित ऊर्जा का अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता-


इसी कारण पवन ऊर्जा राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। यह सम्मान स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और सतत विकास के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूपीपीसीएल भविष्य में भी नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद बढ़ाकर उत्तर प्रदेश को हरित ऊर्जा का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी ऊर्जा नीति और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 


यूपी के लिए गर्व का विषयः अपर मुख्य सचिव


गोवा में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश की ओर से यूपीपीसीएल के निदेशक (कॉरपोरेट प्लानिंग) दीपक रायजादा ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से यह सम्मान प्राप्त किया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद यशो नायक सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उपलब्धि पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि 'विंड प्रोक्योरमेंट चैंपियन' सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह प्रदेश सरकार की स्वच्छ और हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

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