योगी सरकार में तेजी से आकार ले रहा गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, पूर्वांचल को मिलेगी नई पहचान
चंद दिनों में ही लगभग 6.73 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा, 30 हजार दर्शकों के बैठने की होगी व्यवस्था, खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम परिसर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Jun, 2026 08:08 PMलखनऊ 13 जून : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल अवसंरचना के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तेजी से आकार ले रहा है। लगभग 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का करीब 6.73 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा, दर्शकों की क्षमता 30 हजार होगी-
योगी सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। स्टेडियम का 16 मई 2026 को भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम हुआ था। इसके बाद से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मिट्टी भरने का काम पूरा हो गया है। पाइलिंग का काम चल रहा है। खेल निदेशालय के मुताबिक, वर्तमान में स्टेडियम का भौतिक निर्माण कार्य लगभग 6.73 प्रतिशत पूरा हो चुका है और कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य 23 दिसंबर 2027 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूर्ण करना है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा।
खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं-
गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए वित्तीय संसाधनों की भी मजबूत व्यवस्था की गई है। इस परियोजना हेतु पेट्रोलियम मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने सीएसआर फंड से 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने पर सहमति दी है। शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जा रही है। परियोजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने प्रथम किस्त के रूप में 63 करोड़ 39 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है। इस खेल परिसर में खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्टेडियम का निर्माण ग्राउंड प्लस टू फ्लोर मॉडल पर किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लगेंगी लाइट्स-
मुख्य मैदान में खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। रात्रिकालीन मुकाबलों के आयोजन को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई मास्ट फ्लड लाइट्स लगाई जाएंगी। इससे दिन-रात दोनों समय मैच आयोजित किए जा सकेंगे। स्टेडियम के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर भी प्राप्त होगा। इससे गोरखपुर की पहचान केवल धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी।
क्रिकेट हब के रूप में तैयार हो रहा उत्तर प्रदेश- खेल सचिव
खेल सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में क्रिकेट हब के रूप में डवलप हो रहा है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम वाराणसी का काम पूरा होने की स्टेज पर है। इसी तरह गोरखपुर में निर्माण कार्य तेजी पर है और अयोध्या का स्टेडियम बनकर तैयार है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आईपीएल मैच हो रहे हैं। खेल निदेशक आरपी सिंह ने कहा कि गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से पूर्वांचल में खेलों को नई दिशा मिलेगी। गोरखपुर और आसपास के जिलों में क्रिकेट समेत अन्य खेलों की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय खिलाड़ियों को अब अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।



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