यूपी में डबल इंजन सरकार से विकास को रफ्तार, केंद्र-राज्य के तालमेल से नीति के त्वरित परिणाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया सफल क्रियान्वयन, केंद्र–राज्य की सामंजस्यपूर्ण रणनीति से परियोजनाओं को मिली निरंतरता और सफलता, विकास और अनुशासन का संगम, नीति-क्रियान्वयन-परिणाम का यूपी मॉडल बना उदाहरण
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Feb, 2026 08:23 PMलखनऊ, 6 फरवरी : केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने नीति और क्रियान्वयन के बीच स्पष्ट सामंजस्य का मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। केंद्र की योजनाओं का प्रदेश में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया जिसका नतीजा है कि प्रदेश 22 एक्सप्रेस वे और 24 एयरपोर्ट वाला राज्य शीघ्र बन जाएगा। प्रदेश में 62 लाख से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को मुफ्त आवास मिल चुका है। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.46 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिसके साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में अब तक 13,353 करोड़ रुपये से 81.55 लाख मरीजों के निःशुल्क उपचार हुए। ये दिखाता है कि केंद्र और राज्य ने मिलकर योजनाओं को सफलता के स्तर पर पहुंचाया है।
सुदृढ़ कानून व्यवस्था से ऐतिहासिक निवेश-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति से सुदृढ़ किया जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। आज प्रदेश में 50 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। अभी हाल ही में वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड ने लखनऊ में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया है। दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में पिछले महीने जनवरी में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 56वीं वार्षिक बैठक में उत्तर प्रदेश ने ₹3 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव (एमओयू) हासिल किए। भारी भरकम निवेश और एमएसएमई की वजह से करोड़ों की संख्या में रोजगार का सृजन हुआ है। 2017 के बाद से प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवा सरकारी नौकरियां पा चुके हैं।
केंद्र-राज्य के तालमेल से आए सुखद परिणाम-
राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और राज्य की विकास रणनीति के बीच पूरकता दिखाई देती है। बुनियादी ढांचा, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल शासन और निवेश प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों में केंद्र की नीतियों को राज्य स्तर पर ठोस कार्ययोजना में बदला गया है। डुप्लीकेशन से बचते हुए स्पष्ट कार्यविभाजन इस मॉडल की प्रमुख विशेषता है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी केंद्र की योजनाओं को उत्तर प्रदेश में समयबद्ध और बड़े पैमाने पर लागू किया गया। राजनीतिक समन्वय ने प्रशासनिक स्थिरता को मजबूती दी है। केंद्र–राज्य के बीच खींचतान के बजाय निर्णयों की निरंतरता पर बल दिया गया। विकास और कानून व्यवस्था के साझा नैरेटिव ने शासन की छवि को नया आयाम दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास और सुशासन की दृष्टि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कठोर प्रशासनिक अनुशासन के साथ लागू किया।


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