मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा – अवनीश अवस्थी
प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन, अवनीश अवस्थी ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कर रही है कार्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन, अवनीश अवस्थी ने बताया की उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कर रही है कार्य
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 12 Mar, 2026 10:59 PMलखनऊ, 12 मार्च। उत्तर प्रदेश में युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से आज लखनऊ में नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इसमें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। समिट में भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कार्यबल को तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिट में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास केंद्रों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक मंडल में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बैंकरों की एक समिति गठित करने का सुझाव दिया गया, जो प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने सिंगापुर और जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा है। साथ ही उन्होंने सभी कौशल केंद्रों की जानकारी, पाठ्यक्रम, छात्रों की संख्या, प्रमाणपत्र और रोजगार की संभावनाओं से संबंधित विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की सलाह भी दी।
समिट के दौरान प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में लागू करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राज्य कौशल योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण भागीदारों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है और एक डिजिटल लर्निंग पोर्टल भी विकसित किया गया है, जहां युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 30 से अधिक क्षेत्रों और लगभग 500 जॉब रोल में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। समिट के दौरान उद्योग, शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी कौशल विकास, रोजगार सृजन और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डिजिटल लर्निंग पत्रिका के नए संस्करण का विमोचन भी किया गया।


No Previous Comments found.