अखिलेश को चुनाव के समय आती है ब्राह्मणों की याद, सपा कार्यालय में ब्राह्मण नेताओं का हुआ अपमान : मनोज पांडेय

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Lucknow, 18 Jun, 2026 06:45 PM
अखिलेश को चुनाव के समय आती है ब्राह्मणों की याद, सपा कार्यालय में ब्राह्मण नेताओं का हुआ अपमान : मनोज पांडेय

लखनऊ। योगी सरकार में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर ब्राह्मणों के अपमान को लेकर निशाना साधा है। दरअसल, 17 जून को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में सपा के ब्राह्मण नेताओं की मीटिंग बुलाई गई थी। इसको लेकर मनोज पांडेय ने आरोप लगाया है कि इस मीटिंग में पार्टी के ब्राह्मण नेता तो पहुंचे, लेकिन खुद अखिलेश यादव नहीं पहुंचे। मनोज पांडेय ने इसे ब्राह्मणों के अपमान से जोड़ा है। उन्होंने कहा है कि चुनाव के वक्त ही ब्राह्मणों की याद आती है, सम्मान देने के वक्त सपा प्रमुख दूरी बना लेते हैं।


ब्राह्मण वोट बैंक नहीं, सम्मान का प्रतीक - मनोज पांडेय


सोशल मीडिया पर मनोज पांडेय ने एक पोस्ट में लिखा है, 'ब्राह्मण केवल वोट बैंक नहीं, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है।' उन्होंने आगे कहा कि कल (17 जून को) समाजवादी पार्टी के कार्यालय में ब्राह्मण सम्मेलन के नाम पर प्रदेश भर से ब्राह्मण समाज के लोगों को बुलाया गया, लेकिन अखिलेश यादव स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। जिनके बुलावे पर लोग आए, उनका स्वयं अनुपस्थित रहना पूरे समाज के सम्मान की उपेक्षा माना जाएगा।


मनोज पांडेय का आरोप - पहले भी किया ब्राह्मण समाज का अपमान-


मनोज पांडेय ने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा ब्राह्मणों का अपमान पहली बार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 2012 में अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज के समर्थन से सत्ता हासिल की थी, लेकिन उस समय भी ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें अखिलेश यादव नहीं पहुंचे थे।


ब्राह्मण समाज के अपमान पर अखिलेश की चुप्पी पर सवाल-


मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि सपा को चुनाव के समय ब्राह्मणों का समर्थन चाहिए, लेकिन सम्मान और भागीदारी के समय दूरी बना लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगे लिखा कि सपा के एक राष्ट्रीय महासचिव द्वारा यह तक कहा गया कि "ब्राह्मण से भली वेश्या"। इतने अपमानजनक बयान के बाद भी पार्टी की ओर से आज तक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब या खंडन सामने नहीं आया। यह मौन भी बहुत कुछ कहता है।


2027 में मिलेगा जवाब- मनोज पांडेय


मनोज पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज ज्ञान, संस्कृति, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक नेतृत्व का प्रतीक रहा है। उसका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जी, ब्राह्मण समाज सब याद रखता है, सम्मान भी और अपमान भी। 2027 में उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण समाज अपने स्वाभिमान, सम्मान और आत्मगौरव के आधार पर लोकतांत्रिक जवाब देगा।


बता दें कि 17 जून को अखिलेश यादव ने पार्टी के तमाम ब्राह्मण नेताओं की अहम बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए रोडमैप पर मंथन किया गया। इस मीटिंग में सपा के तमाम ब्राह्मण समाज से आने वाले विधायक, पूर्व विधायक, सांसद और पूर्व सांसद शामिल हुए। इस बैठक को लेकर योगी सरकार में मंत्री मनोज पांडेय ने आरोप लगाया है कि बैठक अखिलेश यादव ने बुलाई, लेकिन वह स्वयं ही इसमें शामिल नहीं हुए।

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