2 नवंबर को केदारनाथ जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू, दर्शन से पहले तेज हुईं तैयारियां
1 नवंबर को देहरादून पहुंचने का कार्यक्रम, अगले दिन बाबा केदार के दर्शन कर लौटेंगी दिल्ली; 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे धाम के कपाट
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Oct, 2026 07:50 AMदेहरादून, 23 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित केदारनाथ दौरे को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 2 नवंबर को केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। इससे पहले 1 नवंबर को उनके देहरादून पहुंचने और लोक भवन में रात्रि विश्राम करने का कार्यक्रम है। केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होने हैं। ऐसे में कपाट बंद होने से पहले राष्ट्रपति का यह प्रस्तावित दौरा धार्मिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1 नवंबर को देहरादून पहुंचेंगी राष्ट्रपति
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 1 नवंबर को शाम करीब 4:45 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगी। यहां उनके स्वागत के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं की जाएंगी। एयरपोर्ट से वह देहरादून स्थित लोक भवन के लिए रवाना होंगी।
लोक भवन में राष्ट्रपति की उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद वह लोक भवन में ही रात्रि विश्राम करेंगी।
हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम
अगले दिन, 2 नवंबर को राष्ट्रपति के लोक भवन से हेलीपैड के लिए रवाना होने और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम है। धाम में उनके करीब एक घंटे तक रुकने की संभावना है। इस दौरान वह बाबा केदार की पूजा-अर्चना करेंगी। मंदिर के पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात भी संभावित कार्यक्रम का हिस्सा बताई जा रही है।
दर्शन के बाद राष्ट्रपति के जौलीग्रांट एयरपोर्ट लौटने और वहां से दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरे को निजी धार्मिक यात्रा बताया जा रहा है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा में जुटा प्रशासन
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, हेलीपैड और हेलीकॉप्टर संचालन, आवागमन, चिकित्सा सुविधाओं तथा राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल से जुड़े इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। केदारनाथ धाम की ऊंचाई और पर्वतीय मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए हवाई संचालन और आपातकालीन व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट
केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाने निर्धारित हैं। इससे पहले राष्ट्रपति का प्रस्तावित दौरा इस वर्ष की चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में हो रहा है।
20 अक्टूबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ धाम में लगभग 17.6 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। यात्रा के अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन का मुख्य जोर सुरक्षा, सुचारु आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर है। अब सभी की निगाहें 2 नवंबर को होने वाले प्रस्तावित दौरे और तैयारियों के अंतिम स्वरूप पर रहेंगी।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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