मेलबर्न : 30,000 भारतीयों से बोले PM मोदी, 'भारत पासपोर्ट का रंग देखकर मदद नहीं करता...
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 9 Jul, 2026 04:39 PMप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। मार्वल स्टेडियम में आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में 30 हजार से ज्यादा भारतीय मूल के लोग शामिल हुए।
Excited to be among the Indian community in Melbourne. Their energy and enthusiasm are truly unmatched. They are one of the strongest pillars of India-Australia friendship. https://t.co/dG9F5vj5jr
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत जब मदद करता है तो पासपोर्ट का रंग नहीं देखता। यही वजह है कि कोरोना के समय में भारत ने 100 से ज्यादा देशों को वैक्सीन भेजी थी। पीएम मोदी ने कहा कि वह 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। यह दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते किस ऊंचाई पर हैं। इस बीच लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए तो उन्होंने कहा कि इसमें मोदी की नहीं, भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों की जीत है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "कहा जाता है कि मेलबर्न शहर एक ही दिन में चारों मौसमों की झलक दिखाता है। लेकिन, इंडियन कम्युनिटी ने अपने कल्चरल रंगों से इसे और भी वाइब्रेंट बना दिया है। यहां मेलबर्न और आस-पास के इलाकों में, कई जगहें और मार्केट हैं जो भारतीयता की भावना से ओतप्रोत हैं। कोई उन्हें 'लिटिल इंडिया' कहता है, तो कोई उन्हें 'मिनी इंडिया'। नाम कुछ भी हो, वे भारतीय कल्चर से भरे हुए हैं। किसी ने मुझे ऐसे ही एक मार्केट का वीडियो दिखाया। वीडियो में बताया गया था कि वहां लगातार सेल चलती रहती है। लोग इन सेल के उत्साह में पूरी तरह बह जाते हैं। भले ही किसी का शॉपिंग करने का मूड न हो, फिर भी वे कुछ न कुछ खरीद ही लेते हैं। 'सेल के चक्कर में लोग घनचक्कर बन जाते हैं।"
12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी "जब मैं 2014 में ऑस्ट्रेलिया गया था, तो यह 28 साल में पहली बार था, जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री आया था और आपको याद होगा मैंने तब कहा था कि आपको और 28 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पिछले 12 सालों में यह मेरा तीसरा दौरा है। यह दौरों की हैट्रिक है। यह दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रिश्ते कितनी ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। इसमें सबसे बड़ा रोल आप लोगों का है।" भजन क्लबिंग का भी जिक्र किया पीएम मोदी ने कहा, "आपने इंडिया में 'भजन क्लबिंग' के नए ट्रेंड के बारे में सुना होगा। इसे हमारी जेन-जी चला रही है। यहां ऑस्ट्रेलिया में भी मैंने सुना है कि आपके वीकेंड आस्था और आध्यात्मिकता से भरे होते हैं। चाहे किसी के घर पर भगवान सत्यनारायण की कथा हो, गुरुद्वारे में अरदास हो, बच्चे भांगड़ा या भरतनाट्यम कर रहे हों, या कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा हो। हमेशा कुछ न कुछ होता रहता है। इंडियन फिल्म फेस्टिवल भी यहां आ गया है। यह कुछ ही दिनों में मेलबर्न में शुरू होने वाला है।
मैं इसके सफल आयोजन के लिए पहले से ही अपनी शुभकामनाएं देता हूं।" विकसित देश बनने के लिए काम कर रहा भारत भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि "21वीं सदी का भारत एक विकसित देश बनने के लक्ष्य की ओर काम कर रहा है। जब एक सपना पूरा होता है, तो एक नया सपना जन्म लेता है। पहले कहा जाता था कि एक दीया हजारों दीयों को जलाता है। आज, मैं कहता हूं कि एक सपना दूसरे को जन्म देता है। हजारों सपने उभरते हैं। जब एक लक्ष्य हासिल होता है, तो उसकी जगह और भी बड़ा इरादा ले लेता है।
यह एक ऐसा भारत है जो 'ग्रो मोर, अचीव मोर' में विश्वास करता है। हम 1.4 बिलियन लोगों का देश हैं, जो उम्मीदों से भरा हुआ है।" लोगों की ऊर्जा भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को दिखाती है- अल्बानीज पीएम मोदी से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा, "यहां हम जो एनर्जी महसूस करते हैं, वह ऑस्ट्रेलिया-इंडिया पार्टनरशिप को बताती है।



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