नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती: PM मोदी
महिला आरक्षण बिल पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकार रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं सब देख रही हैं और अपमान का जवाब समय आने पर देंगी। PM मोदी ने भरोसा दिलाया कि आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का संकल्प जरूर पूरा होगा।
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Apr, 2026 09:25 PMनई दिल्ली (युगवार्ता) । महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को देश को संबोधित किया और इस महत्वपूर्ण विषय पर सरकार का पक्ष रखा। अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और महिला आरक्षण बिल को समर्थन न देने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का संकल्प अटल है और सही समय पर यह लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। आइए जानते हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्या-क्या कहा।
बिल पास न होने पर मांगी माफी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।’
विपक्ष पर नारी हित रोकने का आरोप
PM मोदी ने कहा कि विपक्ष ने नारी हित का प्रस्ताव गिरा दिया। विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को कुचल दिया। मैं देश की महिलाओं से माफी मांगता हूं। नारी सबकुछ भूल जाती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती है। विपक्ष को मैं कहना चाहता हूं कि 21वीं सदी की नारी हर घटना पर नजर रख रही है और सच्चाई भी भली-भांति जान रही है।
स्वार्थ की राजनीति से महिलाओं को नुकसान
PM मोदी ने आगे कहा, ‘हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को, इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।’
विपक्षी दलों को सजा मिलने की बात
प्रधानमंत्री मोदी बोले कि इस बिल से उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम सभी राज्यों को शक्ति मिलती। कांग्रेस, सपा और टीएमसी को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने महिला आरक्षण बिल को समर्थन नहीं देकर पाप किया है। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं। महिला आरक्षण समय की मांग है। हमारे ईमानदार प्रयास की विपक्ष ने भ्रूण हत्या कर दी।
महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी।
नारी अपमान नहीं भूलती
पीएम मोदी बोले, ‘नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को For Granted ले रहे हैं।’
परिसीमन पर कांग्रेस पर आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिसीमन को लेकर कांग्रेस ने झूठ फैलाया। परिसीमन होता तो सभी राज्यों की सीटें एक अनुपात में बढ़तीं। वहीं, समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण विरोधी पार्टी है। सपा ने राममनोहर लोहिया को भुला दिया है। सपा ने लोहिया के सपनों को अपने पैरों तले रौंद दिया। साथ ही, कांग्रेस एंटी-रिफॉर्म पार्टी है। कांग्रेस निगेटिव पॉलिटिक्स करती है।
सुधारों का विरोध करती है कांग्रेस
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश हित के हर फैसले का विरोध करती है। कांग्रेस सभी तरह के रिफॉर्म पर झूठ और भ्रम फैलाती है। रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। कांग्रेस देश को मजबूत करने में बाधा है। कांग्रेस के हर छल और प्रपंच का खामियाजा देश की पीढ़ियों ने भुगता है। यह लड़ाई सिर्फ एक बिल की नहीं, बल्कि कांग्रेस की एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के खिलाफ है।
आधी आबादी को हक देने का प्रयास
पीएम मोदी ने कहा कि 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था। नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए मौके देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था। देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था।
परिवारवादी दलों के डर का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह परिवारवादी दलों का डर है। उनका मानना है कि यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो इन दलों का नेतृत्व संकट में पड़ जाएगा। ऐसे दल कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार से बाहर की महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व संभालें।


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