भोटेकोशी बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही, IOM ने राहत के लिए बढ़ाया हाथ

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Lucknow, 29 Aug, 2026 08:24 PM
भोटेकोशी बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही, IOM ने राहत के लिए बढ़ाया हाथ

नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026 नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ से हुई भारी जनहानि और व्यापक तबाही पर संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। संगठन ने कहा है कि वह आपदा से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और उनके पुनर्वास में सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। जिनेवा स्थित IOM मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “आईओएम दोनों देशों (तिब्बत और नेपाल) की जरूरतों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार राहत और पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। नेपाल में, आईओएम राहत और पुनर्वास कार्यों में योगदान देने के लिए सरकारी एजेंसियों और मानवीय सहायता देने वाले सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।” IOM के मुताबिक बाढ़ के कारण जरूरी सेवाओं तक लोगों की पहुंच प्रभावित हुई है, जिससे तत्काल मानवीय सहायता की आवश्यकता पैदा हो गई है। संगठन ने यह भी बताया कि पिछली आपदाओं के दौरान उसने अस्थायी आश्रय, गैर-खाद्य सामग्री, कैंप प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, डेटा प्रबंधन, शुरुआती पुनर्वास और आजीविका बहाली जैसे क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के शनिवार सुबह 10 बजे तक के अपडेट के अनुसार, बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि करीब 2500 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। इस संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के कई देशों ने नेपाल की सहायता के लिए कदम बढ़ाए हैं। भारत भी इस कठिन समय में नेपाल को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। बाढ़ प्रभावितों के लिए भारत की ओर से अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। शुक्रवार रात 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप काठमांडू पहुंची। इसके साथ ही 11 सदस्यीय डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम भी नेपाल भेजी गई है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बीच राहत और पुनर्वास प्रयासों का उद्देश्य आपदा से प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता जल्द से जल्द पहुंचाना है। 

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