ब्रिक्स में विविधता और सहयोग पर मोदी का जोर

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 13 Sep, 2026 06:21 PM
ब्रिक्स में विविधता और सहयोग पर मोदी का जोर

नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह की भविष्य की दिशा में लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की वास्तविक शक्ति सदस्य देशों की विविधता और आपसी सहयोग में है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया, “हमारी विविधता हमारी पहचान बने, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति संपूर्ण मानवता के कल्याण के काम आए।” पीएम मोदी ने बताया कि ब्रिक्स के तहत एम्प्लॉयबिलिटी, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं। छोटे उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कॉर्पोरेशन पोर्टल की पहल की गई है। वहीं, शहरों के बीच बेहतर कार्यप्रणालियों और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए ‘ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब’ स्थापित किया गया। स्थिरता पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की सभ्यतागत सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है।” उन्होंने कहा कि भारत में विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक माना जाता रहा है। इसी दृष्टिकोण के तहत ब्रिक्स में भी मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर ध्यान दिया गया है। स्मार्ट ग्रिड और एनर्जी स्टोरेज के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एग्रो-इकोलॉजी और री-जनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इसी दिशा में पहल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के माध्यम से इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए समावेशी वैश्विक विकास को गति देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि ब्रिक्स में विकसित समाधान केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप उन्हें अपनाने योग्य और सुलभ बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी-बेस्ड क्लाइमेट एडैप्टेशन के जरिए इंडिजिनस नॉलेज को जलवायु कार्रवाई का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। ग्लोबल साउथ के देशों में ब्रिक्स के प्रति बढ़ते विश्वास को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं मेरे निजी अनुभव से कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है, और सॉल्यूशंस उनके लिए ही नहीं, उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं। ब्रिक्स की शक्ति हमारी विविधता और सहयोग में है।” अंत में उन्होंने कहा, “हमारी विविधता हमारी पहचान रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए।” 

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

moti2