भारत की बढ़ती आर्थिक और डिजिटल ताकत से कांग्रेस को परेशानी क्यों है? : सुधांशु त्रिवेदी

चेन्नई में भाषा, संस्कृति और विकास को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने उठाए सवाल; आपातकाल, विदेशी फंडिंग और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी मांगा जवाब

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Lucknow, 11 Oct, 2026 09:27 PM
भारत की बढ़ती आर्थिक और डिजिटल ताकत से कांग्रेस को परेशानी क्यों है? : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तमिल भाषा और संस्कृति के मुद्दे पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तमिलनाडु में बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर तमिल विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तक कई पहल की गई हैं।

डॉ. त्रिवेदी ने चेन्नई में राहुल गांधी की ओर से केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाषा और संस्कृति जैसे संवेदनशील विषयों को राजनीतिक विवाद का रूप देने के बजाय विकास और सांस्कृतिक एकता पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने की मांग भी की।

तमिलनाडु में विकास परियोजनाओं और सांस्कृतिक पहलों का किया उल्लेख

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तमिलनाडु में मेट्रो, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और बंदरगाहों से जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने चेन्नई में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें चेन्नई मेट्रो के लिए करीब 4,900 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए 3,700 करोड़ रुपये और कराइकल-पेरलम रेल लाइन के लिए 750 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तमिल भाषा और संस्कृति को सम्मान देने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। उन्होंने नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल की स्थापना, काशी तमिल संगमम और सौराष्ट्र तमिल संगमम के आयोजन तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सुब्रमण्यम भारती पीठ की स्थापना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तमिल साहित्य और संस्कृति का उल्लेख किया है। डॉ. त्रिवेदी ने तिरुक्कुरल को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण रचना बताते हुए विदेशों में तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने की पहल का भी जिक्र किया।

उत्तर-दक्षिण विभाजन के आरोप, रक्षा गलियारों का दिया उदाहरण

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक गलियारे स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उनके अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता क्षेत्रीय राजनीति से ऊपर उठकर देश की औद्योगिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।

उन्होंने महाबलीपुरम में भारत और चीन के नेताओं की मुलाकात का उल्लेख करते हुए तमिलनाडु की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर भी जोर दिया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश की विविध भाषाओं और परंपराओं को परस्पर जोड़ना राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम होना चाहिए, न कि राजनीतिक टकराव का।

आपातकाल से तुलना पर कांग्रेस को घेरा

प्रेस वार्ता में डॉ. त्रिवेदी ने राहुल गांधी की ओर से मौजूदा परिस्थितियों की आपातकाल से तुलना किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था और प्रेस की स्वतंत्रता प्रभावित हुई थी।

उन्होंने दावा किया कि उस दौर की परिस्थितियों की तुलना मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से करना आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोगों के अनुभवों को नजरअंदाज करने जैसा है। भाजपा नेता ने कांग्रेस से इस तुलना का आधार स्पष्ट करने को कहा।

विदेशी फंडिंग और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उठाए सवाल

डॉ. त्रिवेदी ने अमेरिकी एजेंसी यूएसएआईडी की ओर से भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों के लिए धन खर्च किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि भारत में मतदाता पंजीकरण और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विदेशी सहायता की आवश्यकता क्यों पड़ी तथा इस संबंध में धन के उपयोग का उद्देश्य और विवरण क्या था।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए कांग्रेस से पूछा कि मतदाता सूची की जांच और शुद्धीकरण की प्रक्रिया पर उसे आपत्ति क्यों है। भाजपा प्रवक्ता ने इन मुद्दों को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों के समर्थन में विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं किया गया।

भारत की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास का किया जिक्र

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि भारत डिजिटल भुगतान, विनिर्माण, अंतरिक्ष अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। उन्होंने मोबाइल फोन निर्माण, विदेशी निवेश और भारत में बड़ी तकनीकी कंपनियों की बढ़ती गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति को लेकर भी राजनीतिक विमर्श होना चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस पर विदेशी संस्थानों और कंपनियों के मुद्दों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। साथ ही, स्टारलिंक को लेकर कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग बयानों का उल्लेख करते हुए पार्टी से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

भाषा विवाद के समाधान में तकनीक की भूमिका पर जोर

भाजपा प्रवक्ता ने भारतीय भाषाओं के बीच संवाद को आसान बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संसद में विभिन्न भारतीय भाषाओं में भाषणों के अनुवाद की सुविधा भाषाई विविधता के बीच संवाद को मजबूत कर सकती है।

डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, तकनीक के विकास के साथ भाषा संबंधी बाधाएं कम होंगी और विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच संवाद के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता को विभाजन के बजाय एकता के आधार के रूप में देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस से पूछे तीन सवाल

प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी के सामने तीन प्रमुख सवाल रखे। पहला, तमिल भाषा और संस्कृति को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों का आधार क्या है? दूसरा, मौजूदा परिस्थितियों की आपातकाल से तुलना करने का औचित्य क्या है? तीसरा, भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए विदेशी एजेंसियों की ओर से किए गए खर्च का उद्देश्य और उसका पूरा विवरण क्या है?

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भी सवाल उठाए। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को मतदाता सूची, बूथ लेवल एजेंटों की भूमिका, पोलिंग एजेंटों की निगरानी और उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के आधार पर अपनी आपत्तियां स्पष्ट करनी चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने अंत में आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक असहमति को बार-बार विभाजनकारी मुद्दों से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जोर विकास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता पर है।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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