राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम मोदी का संदेश—बड़े सपने देखें, नई सीमाएं पार करें
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Aug, 2026 11:13 PMनई दिल्ली, 23 अगस्त 2026 राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बड़े सपने देखने, नए आविष्कार करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा 140 करोड़ देशवासियों के सपनों और संकल्पों से जुड़ी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री ने लिखा, “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं। आइए, और भी बड़े सपने देखें, अधिक नई चीजें बनाएं और नई सीमाओं को पार करें।” इस अवसर पर जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने अयोध्या में कहा था कि ये नए कालचक्र की शुरुआत है। यह एक नए कालचक्र का उद्गम है। इस नए काल क्षेत्र में ग्लोबल ऑर्डर में भारत अपना स्पेस लगातार बड़ा बना रहा है। यह हमारे स्पेस प्रोग्राम में भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। हम सबने मिलकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में स्पेस सेक्टर की भूमिका बहुत बड़ी है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “आज ये जेन-जी इंजीनियर्स, जेन-जी डिजाइनर, जेन-जी कोडर और जेन-जी साइंटिस्ट नई-नई टेक्नोलॉजी बना रहे हैं। प्रोपल्शन सिस्टम हो, कंपोजिट मटेरियल हो, रॉकेट स्टेजेज हो, सैटेलाइट प्लेटफॉर्म्स हो, भारत का युवा आज उन क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी कुछ साल पहले कल्पना भी संभव नहीं थी।” प्रधानमंत्री ने भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और युवा प्रतिभाओं की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “भारत का प्राइवेट स्पेस टैलेंट पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। आज ग्लोबल इंवेस्टर्स के लिए भारत का स्पेस सेक्टर एक आकर्षक जगह बन रहा है। इसरो की सफलता देखकर कितने ही बच्चों के मन में ये बात आती है कि बड़ा होकर मैं भी वैज्ञानिक बनूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “वो रॉकेट का काउंटडाउन लाखों बच्चों को प्रेरित करता है। हर घर में कागज के हवाई जहाज उड़ाने वाला जो एयरोनॉटिकल इंजीनियर है, वो बड़ा होकर आप जैसा इंजीनियर बनना चाहता है, साइंटिस्ट बनना चाहता है।” प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों, युवाओं की बढ़ती भागीदारी और भविष्य की वैज्ञानिक संभावनाओं की झलक दिखाई दी। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए देश की सामूहिक आकांक्षाओं को दोहराया। उन्होंने कहा, “हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है, वही हम सबका संकल्प है।”



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