पीएम मोदी का जनता के नाम संदेश- जीवन के अंतिम क्षण तक सेवा में जुटा रहूंगा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 30 Oct, 2026 10:51 PMनई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026 गुजरात से राष्ट्रीय राजनीति तक के अपने सफर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसेवा और राष्ट्रसेवा को अपनी कार्यशैली का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनके सामने दो ही विचार थे—जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश का विकास। प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा में देशवासियों के योगदान को भी अहम बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने और काम करने का तरीका उन्होंने जनता से ही सीखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “मैं सिर्फ दो ही बातें जानता था- जनसेवा से राष्ट्रसेवा, गुजरात के विकास से देश का विकास। बाकी कैसे करना है? कैसे आगे बढ़ना है? यह आपने मुझे सिखाया है।” देश के लिए किए गए कार्यों का श्रेय नागरिकों को देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं देश के लिए जो कुछ भी कर पाया, इसका यश सभी देशवासियों को है, आप सबको भी है। इसके लिए मैं आपका जीवन भर ऋणी रहूंगा।” अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “और जीवन के अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में ही जुटा रहूंगा।” उनके इस संदेश में देशवासियों के प्रति आभार और आजीवन जनसेवा का संकल्प प्रमुखता से सामने आया।


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